एसीबी से यूआईटी को मुक्ति नहीं मिली है। जो हालात बने हुए है, उससे मुक्ति आसान भी नजर नहीं आ रही है। एसीबी अब नया समेलिया में सड़क निर्माण को लेकर हुए घपले का पुराना हिसाब मांग रही है। एसीबी ने तलब किया तो संबंधित शाखा के अधिकारी बगलें झांक रहे है। उनका घूम फि र कर यही जवाब सामने आ रहा है कि हम तो नए लगे हैं, जिन्होंने किया, वे अब यहां रहे ही नहीं। भला एसीबी कहां मानने वाली है। टीम के अधिकारी का भी सीधा जवाब है कि अधिकारी नहीं रहे तो क्या हुआ फ ाइलें तो यही हैं, संबंधित बाबूजी तो यही हैए चर्चा है कि संबंधित फाइलें तो पहले ही गायब हो चुकी है, डुप्लीकेट दस्तावेजों में अब कोई दम ही नहीं रहा।