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भीलवाड़ा शहर में अब नहीं होगा यह काम, नगर परिषद ने कर दिया मना

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भीलवाड़ा शहर में अब नहीं होगा यह काम, नगर परिषद ने कर दिया मना

भीलवाड़ा शहर में अब नहीं होगा यह काम, नगर परिषद ने कर दिया मना


भीलवाड़ा. नगर परिषद में जो अफसर आए सभी ने मनमर्जी से प्रोजेक्ट बनाए। इन पर लाखों रुपए खर्च भी किए और जनता को भ्रमित भी किया। इन प्रोजेक्ट के नाम पर सभापति भी अपनी उपलब्धियां गिनाते रहे। दरअसल, एेसे प्रोजेक्ट भी है जो फिलहाल शहर के लिए उपयुक्त नहीं है। एेसे दो प्रोजेक्ट पर आयुक्त नारायणलाल मीणा ने विराम लगा दिया है। इसके तहत पहला प्रोजेक्ट हरणी में रोपवे का है। आयुक्त का कहना है कि हरणी में रोपवे बनाना इसलिए सही नहीं है क्योंकि वहां कोई यात्रीभार नहीं है। इसके अलावा सड़क को पार कर रोपवे बनाना जनता की सुरक्षा के खिलवाड़ हो सकता है। एेसे में रोपवे का प्रोजेक्ट आज की स्थिति में बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। इसी तरह चित्रकूटधाम में डबल बेसमेंट पार्किग का प्रोजेक्ट भी कम उपयुक्त लग रहा है। इससे अच्छा है कि आजाद चौक में डबल बेसमेंट पार्र्किंग बनेगी ताकि जनता को राहत मिलेगी। चित्रकूट धाम में जितना पैसा खर्च होगा उतनी पार्र्किंग से आमदनी नहीं होगी और पूरा फायदा भी नहीं मिलेगा। इसलिए इस फाइल पर वापस बोर्ड के साथ चर्चा की जाएगी।
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ये थे प्रोजेक्ट
१. हरणी में रोपवे
स्थिति: हरणी महादेव मंदिर से स्मृति वन होते हुए चामुंडा माता मंदिर तक रोपवे बनना है। दो साल पहले का प्रोजेक्ट है। डीपीआर सबमिट हो चुकी है। करीब छह करोड़ १० लाख रुपए खर्च होने हैं। यूआईटी व मंदिर मंडल ट्रस्ट ने सहमति दे दी। वन विभाग से एनओसी लेना बाकी है। वन भूमि के बदले वन विभाग को भी जमीन देनी है, इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जब तक यह नहीं होता काम मुश्किल है। अब आयुक्त ने इस फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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०२.चित्रकूटधाम डबल बेसमेंट पार्र्किंग
स्थिति: परिषद का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। करीब ३० करोड़ रुपए खर्च होने हैं। डीपीआर बन चुकी है। इसे एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर में भेजा है। इसमें चित्रकूट धाम के नीचे पार्र्किंग बनने बाद इसे वापस इसी स्थिति में लाना है। यह काम होता है तो शहर में वाहन पार्र्किंग की बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी। अभी यह काम मुश्किल है।
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