
Trainee Gram Vikas Officer arrested for taking bribe in bhilwara
करेड़ा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष शाखा ने बुधवार को मांडल के कीड़ीमाल पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी दिनेश कुमार भांबी को पचास हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह राशि क्षेत्र में कराए निर्माण कार्य का बिल पास कराने की एवज में ठेकेदार से मांगी थी। दिलचस्प पहलु यह है कि डेढ़ साल पहले ही दिनेश नौकरी में आया था। उसका प्रोबेशन पीरियड चल रहा था और पहली नियुक्ति थी।
ब्यूरो के एएसपी बृजराजसिंह चारण को कीड़ीमाल के पूनमचंद सरगरा ने शिकायत दी कि उसने क्षेत्र में सात सरकारी निर्माण कराए। इसका २८ लाख रुपए का बिल हुआ, जिसे पास कराने के लिए ग्राम विकास अधिकारी दिनेश भांबी सवा लाख रुपए रिश्वत मांग रहा था। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। इस दौरान भांबी ने १५ हजार रुपए ले लिए। एएसपी के नेतृत्व में टीम में निरीक्षक शिवप्रकाश टेलर, धनधानसिंह, नेमीचंद पहाडि़या, प्रहलाद पारीक तथा विनोद कुमार शामिल थे। रसायन लगे पचास हजार रुपए लेकर परिवादी पूनमचंद को ग्राम विकास अधिकारी के पास भेजा।
हाथ में लिए और फाइल में रखे
परिवादी ने फोन किया तो ग्राम विकास अधिकारी ने कहा कि वह पंचायत कार्यालय में बैठा है। पूनमचंद वहां पहुंचा और पचास हजार ग्राम दिनेश को दिए। दिनेश ने पैसे लेकर टेबल पर फाइल के नीचे दबा दिए। इशारा मिलते ही एसीबी ने दिनेश को पकड़ लिया। हाथ धुलाने पर रंग निकल आया। मूलत: जयपुर के दूदू थाना क्षेत्र के गागरडु निवासी दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। दिनेश ने दिसम्बर-२०१७ में काम संभाला था।
रिटायरमेंट का अंतिम दिन, फिर भी संभाली कमान
एसीबी में हैड कांस्टेबल धनधानसिंह का बुधवार को रिटायरमेंट था। उन्होंने नौकरी के आखिरी दिन आरोपी दिनेश का सत्यापन करवाया। टे्रप कार्रवाई में साथ गए।
दो दिन में दूसरी कार्रवाई, व्यवस्थापक को जेल भेजा
जिले में घूसखोरों के खिलाफ दो दिन में दूसरी कार्रवाई है। एसीबी की प्रथम चौकी ने मंगलवार को सिदडि़यास ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) के व्यवस्थापक नितिन पारीक को २५ हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उसे बुधवार को एसीबी की विशिष्ट न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए।
Published on:
01 Aug 2019 01:35 am
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