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ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से कारोबार पर बुरा असर, रक्षाबंधन, ओणम व बकरीद पर नहीं हो पा रहा कपड़ेे का लदान

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Tranportes strike in bhilwara

Tranportes strike in bhilwara

भीलवाड़ा।

ट्रांसपोर्टर हड़ताल के चलते कपड़ा बाजार प्रभावित हो रहा है। निर्यात पर भी असर पडऩे लगा है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में रक्षाबंधन, ओणम और बकरीद जैसे बड़े त्योहार हैं, जिनकी खरीदारी एक माह पहले शुरू हो जाती है। ट्रांसपोर्टर हड़ताल ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी। बाहर की मंडियों से इन दिनों यहां के व्यापारी माल बुक कराते हैं। इस बार वे नहीं आ रहे हैं। रक्षाबंधन की सर्वाधिक खरीदारी राजस्थान के अलावा मप्र, महाराष्ट्र व गुजरात से होती है।

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ओणम की बिक्री केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश में अधिक होती है। बकरीद की सीजन पूरे देश में रहती है। बकरीद में ड्रेस की बिक्री अधिक होती है। ७ दिन से जारी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल अगले एक सप्ताह तक और चल सकती है। अक्सर इन त्योहारों में दो सप्ताह पहले 90 प्रतिशत माल जा चुका होता है। दो से तीन सप्ताह की ही सीजन होती है। उसमें भी चालू सप्ताह तो हड़ताल में बीत गया। रक्षाबंधन में भीलवाड़ा से कम से कम 500 करोड़ का कारोबार होता है। ओणम और बकरीद में 500-500 करोड़ की बिक्री होती है। वस्त्रनगरी से यार्न, कपड़ा, सहित अन्य वस्तुओं का निर्यात होता है। प्रतिदिन 15 से अधिक कन्टेनर यहां से बाहर मुंदरा पोर्ट पर जाते है, लेकिन इन सात दिनों से एक भी कन्टेनर यहां से नहीं गया है। पिछले साल जीएसटी ने इस सत्र में निर्यात प्रभावित किया था।

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बुकिंग हो रही निरस्त
&निर्यातक प्रतिदिन चैम्बर से 15 से 20 निर्यात के सर्टिफिेकेट बनाते हैं, लेकिन इन पांच-सात दिन से इनकी संख्या एक-दो रह गई है। इनमें मुख्य रूप से कंचन, संगम, नितिन, आरएसडब्ल्यूएम सहित अन्य निर्यातकों के प्रमाण पत्र नहीं बन रहे है। कुछ निर्यात की बुकिंग निरस्त हो गई।
आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स