
चित्तौडग़ढ़-कोटा रेलमार्ग पर माण्डलगढ़ के निकट अज्ञात व्यक्तियों ने तीन दिन पहले टे्रन को बेपटरी करने साजिश रची
भीलवाड़ा/माण्डलगढ़।
चित्तौडग़ढ़-कोटा रेलमार्ग पर माण्डलगढ़ के निकट अज्ञात व्यक्तियों ने तीन दिन पहले टे्रन को बेपटरी करने साजिश रची। समाजकंटकों ने टे्रक पर स्लीपर के 18 क्लिप उखाड़ दी और पटरी में सुराख कर दिया। गनीमत रही कि समय पर रेलवे कर्मचारी को इसका पता चल गया। तीन दिन पहले हुई घटना की रिपोर्ट बुधवार रात माण्डलगढ़ थाने में दर्ज कराया गया।
थानाप्रभारी गजेन्द्रसिंह के अनुसार चित्तौडग़ढ़ रेलखण्ड के वरिष्ठ अभियंता रामेश्वर मीणा ने थाने में मामला दर्ज कराया। अभियंता ने बताया कि गत 21 अगस्त को उनका चॉबीमैन किशनलाल पटरी की जांच करता माण्डलगढ़ से पलासिया के निकट मनाली नदी के पुलिया पर पहुंचा। वहां पुलिया पर बने टे्रक पर किसी ने स्लीपर की 18 क्लिप उखाड़ रखी थी। पटरी में 8.18 एमएम का सुराख कर रखा था। यह देख उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत रेलवे अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया। रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और टे्रक को दुरस्त किया गया। रिपोर्ट बनाकर रेलवे के उच्चाधिकारियों को भेजी गई। उसके बाद थाने पर बुधवार शाम को रिपोर्ट दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर रात में मामला दर्ज कर पटरी क्षतिग्रस्त करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
गुलाबपुरा में भी टे्रन हादसा करने की थी कोशिश
भीलवाड़ा-अजमेर रेलमार्ग पर जिले के गुलाबपुरा रेलवे स्टेशन पर भी गत दिनों टे्रन को पलटी खिलाने की साजिश रची गई थी। कुछ लोगों ने स्टेशन पर लोहे की ब्रेंच को उखाड़ कर पटरियों पर रख दिया था। इससे उदयपुर से खजुराहो जा रही टे्रन उससे टकरा गई थी। उस समय भी बड़ा हादसा होने से टल गया था।
Updated on:
24 Aug 2017 12:12 am
Published on:
24 Aug 2017 12:10 am
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