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Chiranjeevi Bima Yojana चिरंजीवी बीमा योजना को ‘अल्पजीवी बनाने की कोशिश

निजी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रहा निशुल्क उपचारशिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 27 Nov 2021, 9:14 PM IST

Chiranjeevi Bima Yojana चिरंजीवी बीमा योजना को 'अल्पजीवी बनाने की कोशिश

Chiranjeevi Bima Yojana चिरंजीवी बीमा योजना को 'अल्पजीवी बनाने की कोशिश

भीलवाड़ा।
Chiranjeevi Bima Yojana मुख्यमंत्री की ओर से आम आदमी को नि:शुल्क इलाज मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी चिरंजीवी बीमा योजना को निजी अस्पताल पलीता लगाने में लगे हैं। योजना में निजी अस्पतालों में इलाज शुरू होने का पता चलने पर लोग इन अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं। शहर में कई अस्पताल ऐसे हैं, जो योजना में शामिल होने के बावजूद पात्र मरीजों का उपचार नहीं कर रहे हैं। कैशलेस इलाज करने में आना-कानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, मरीजों से इलाज के रुपए भी मांगे जा रहे हैं।
यह समस्या डेंगू के मरीज बढऩे के बाद ज्यादा सामने आ रही है। निजी अस्पताल गंभीर व चिरंजीवी योजना के योग्य मरीजों का इलाज करने से इनकार कर रहे हैं। यह बात तब और आश्चर्य में डालती है, जब शिकायत के बाद निजी अस्पताल को नोटिस दिए जाते हैं और जिम्मेदारों के कहने पर भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
विरोध करने पर डिस्चार्ज
इतना ही नहीं विरोध करने पर मरीजों को डिस्चार्ज तक कर दिया जाता है। इस तरह की शिकायतें मिलने पर सरकार ने ऑपरेशन चिरंजीवी चलाया। ऑपरेशन में शिकायतें प्रमाणित होने पर गाइडलाइन जारी कर दी। सरकार ने इलाज नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसके बावजूद निजी अस्पताल सरकार से जरा भी डर नहीं रहे हैं।
बेड खाली नहीं का बनाते बहाना
निजी अस्पताल मरीजों को चिरंजीवी योजना के तहत भर्ती करना ही नहीं चाहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि सरकार के आदेशों के चलते इलाज तो करना पड़ता है। पैसा कब मिलेगा, इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। भामाशाह योजना में भी करोड़ों रुपए आज भी बकाया पड़े हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन बेड खाली नहीं है, का बहाना बनाते हैं और संबंधित चिकित्सक नहीं है। ऐसे बहाने बनाकर मरीजों को टाल देते हैं, जबकि रुपए जमा कराने वालों के लिए बेड भी उपलब्ध हैं और चिकित्सक भी।
इन निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज
जिले में केशव पोरवाल, रामस्नेही चिकित्सालय, बृजेश बांगड़ मेमोरियल, सिद्धी विनायक, गुप्ता हॉस्पिटल, मेवाड़ आर्थो, अरिहन्त चिकित्सालय, सोनी हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल समेत सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र मरीज को कैशलेस उपचार का लाभ दिये जाने का आदेश दिया जा चुका है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
कुछ दिन पहले शहर के निजी अस्पताल में योजना के तहत इलाज नहीं करने व इलाज के नाम पर रुपए वसूलने की शिकायत अधिकारी के पास पहुंची। अधिकारी ने शिकायत की जांच के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए। जांच के बाद नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई है।
शिकायत मिलने पर करते हैं कार्रवाई
शिकायत मिलने पर तुरन्त कार्रवाई की जाती है। मरीज को सभी सुविधा मिले इसके प्रयास किए जाते हैं। किसी अस्पताल के रुपए लेने पर पुन: राशि दिलाने का प्रयास करते हैं। वहीं शिकायत मिलने पर जांच कर समय पर कार्रवाई की जाती है। किसी को यदि परेशानी है तो वह लिखित में शिकायत करे।
- डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा