
Two and a half year old innocent shot again with hot Kelu
भीलवाड़ा. रायपुर थाना क्षेत्र के कोट गांव की एक और मासूम अंधविश्वास के दंश का शिकार हुई है। निमोनिया की शिकायत पर परिजनों ने गर्म केलू से पेट पर डाम लगा दिया। हालत बिगडऩे पर उसे शनिवार रात को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय की गहन शिशु इकाई में भर्ती किया गया। वहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना बाल कल्याण समिति पदाधिकारी रात में एमसीएच पहुंचे और बालिका की हालत जानी। रायपुर पुलिस को सूचना दी गई है।
जानकारी के अनुसार कोट निवासी सुरेश भील की ढाई साल की पुत्री गीता को रात में हालत बिगडऩे पर महात्मा गांधी चिकित्सालय के अधीन एमसीएच लाया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच की तो गीता के पेट पर डाम के निशान थे। उसकी हालत गम्भीर बनी हुई थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्ची को गहन शिशु चिकित्सा इकाई में भर्ती कर लिया। इसकी जानकारी एमजीएच चौकी पुलिस को दी। बाल कल्याण समिति सदस्य फारूख खां पठान अस्पताल पहुंचे। परिजनों के बयान लिए और चिकित्सकों से बच्ची के हालत के बारे में जाना। परिजनों ने बताया कि दोपहर में बच्ची के पेट में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होने पर परिवार के सदस्य ने गर्म केलू से पेट पर डाम लगाया। लेकिन उसके बाद भी हालत में सुधार नहीं होने पर उसे रात में भीलवाड़ा लेकर आए।
तीन दिन पूर्व मासूम सो गई मौत की नींद
तीन दिन में डाम की दूसरी घटना है। इससे पहले गत ८ जुलाई को लुहारिया निवासी रामेश्वर बागरिया की पांच माह की बेटीे लीला को दस दिन पहले सांसे लेने में दिक्कत होने पर मां ने अंधविश्वास के चलते बेटी के पेट पर गर्म चिमटे से डाम लगा दिया। दस दिन तक घर में इलाज चला। हालत ज्यादा बिगडऩे पर उसे भीलवाड़ा लाए। यहां लीला ने उसी दिन रात में दम तोड़ दिया था।
Published on:
11 Jul 2021 11:51 am
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