
Walking government school in bhilwara
करेड़ा।
क्षेत्र के गोवर्धनपुरा ग्राम पंचायत के सराधना का बाडिय़ा गांव में वर्षों से भवन के अभाव में राप्रावि विद्यालय पेड़ के नीचे संचालित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2013 में सरकार ने विद्यालय तो खुलवा लिया परन्तु विद्यालय के लिए भवन बनाना भूल गया। स्कूल का सामान गांव के ही एक मकान में बिना किराए रखा हुआ है।
विद्यालय खुलने केे साथ ही गांव में विद्यालय के लिए सरकार ने जमीन तो आवण्टित कर दी परन्तु स्कूल भवन अब तक नहीं बना। इस सत्र में विद्यालय में 23 बच्चों का नामांकन है जिन्हें एक साथ एक ही शिक्षक नरेन्द्र सिंह सोलंकी पेड़ के नीचे पढ़ाते है। तेज बारिश या हवा आने पर बच्चों को गांव में ही किसी के घर में पढ़ाने के लिए ले जाना पड़ता है।
एक वर्ष पूर्व खाली करा दिया सामान
ग्रामीणों ने बताया कि तीन वर्ष तक भी विद्यालय के लिए भवन नहीं बना तब ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि से लेकर शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया। सितम्बर 2017 में विद्यालय का खाली करा विद्यालय के सामान बाहर निकाल दिया। विद्यालय के सामान को लेकर सड़क पर शिक्षक के बैठने की जानकारी अधिकारियों को होने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रवि राधीच ने तीन सदस्य टीम को मौके पर भेजा। जिन्होंने ग्रामीणों से समझाइश करा एक माह में विद्यालय भवन का काम शुरू करने का आश्वासन दिया। पूरा सत्र बीतने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यालय भवन का काम शुरू कराया गया। इस सत्र में भी विद्यालय गांव के ही एक देव स्थान पर पेड़ के नीचे चल रहा है।
ग्रामीणों ने लगाए टीनशेड
विद्यालय भवन को लेकर विभाग के गंभीर नहीं होने पर ग्रामीणों ने पेड़ के पास ही इस सत्र में एक टीन शेड लगा दिया है। इस सत्र में बच्चे पेड़ और टीनशेड के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षक ने बताया कि सराधना का बाडिय़ा गांव के इस विद्यालय में हर वर्ष छात्रा के तुलना में बालिकाएं अधिक पढ़ाई कर रही है। इस सत्र में भी 23 का नामांकन है जिसमें 5 लड़के व 18 बालिकाएं हैं।
Published on:
04 Aug 2018 07:13 am
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