1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वेस्ट मैनेजमेंट अब होगा डिजिटल : प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल

औद्योगिक इकाइयों को प्रतिदिन दर्ज करनी होगी स्लज व सॉल्ट डिस्पोजल की जानकारी, आमजन भी कर सकेंगे शिकायत

2 min read
Google source verification
Waste management will now be digital: Pollution Control Board started online portal

Waste management will now be digital: Pollution Control Board started online portal

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के संचालन एवं उपयोग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल और अधीक्षक वैज्ञानिक अधिकारी महेश कुमार सिंह ने की। इस दौरान पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली समझाई गई।

कार्यशाला में बताया गया कि अब ईटीपी एवं एमईई स्लज प्रबंधन पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक औद्योगिक इकाई को अपने परिसर में उत्पन्न स्लज या सॉल्ट की मात्रा और उसके निस्तारण की जानकारी प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। स्लज के उत्पन्न होने से लेकर सीमेंट संयंत्र तक पहुंचने तक की पूरी ट्रैकिंग ऑनलाइन होगी। स्लज मैनिफेस्ट को भी ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा।

सीमेंट संयंत्रों व डिस्पोजल एजेंसी की समस्याएं

सीमेंट संयंत्रों की ओर से स्लज प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की गई। रामकी उदयपुर की ओर से एमईई सॉल्ट रिसीव और डिस्पोज़ल में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी गई।

विजिलेंस कार्रवाई अब ऑनलाइन

यदि किसी औद्योगिक इकाई की ओर से नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो विजिलेंस जांच के दौरान टीम पोर्टल के माध्यम से तत्काल ऑनलाइन साइट मेमो जारी करेगी। संबंधित इकाई को इसका उत्तर निर्धारित कार्य दिवसों के भीतर पोर्टल पर ही प्रस्तुत करना होगा।

आमजन के लिए शिकायत निवारण प्रणाली

यह पोर्टल केवल उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी उपयोगी होगा। आम व्यक्ति प्रोसेस हाउसों से जुड़ी शिकायतें व्हाट्सएप या पोर्टल (www.rspcbbhilwara.in) पर सीधे दर्ज करा सकेंगे। शिकायत की स्थिति और उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

कार्यशाला में व्यापक सहभागिता

कार्यशाला में भीलवाड़ा के प्रोसेस हाउसों के मुख्य अभियंता व तकनीकी स्टाफ, चित्तौड़गढ़, ब्यावर व राजसमंद स्थित सीमेंट संयंत्रों के प्रतिनिधि तथा रामकी सॉल्ट डिस्पोज़ल फैसिलिटी के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पोर्टल की इंटरफेस, डेटा प्रविष्टि, शिकायत दर्ज करने की विधि व विजिलेंस रिपोर्टिंग के तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।

अब प्रोसेस हाउस के लिए यह होगी सख्ती- प्रतिदिन स्लज व सॉल्ट डिस्पोज़ल की जानकारी ऑनलाइन देनी होगी।

  • - स्लज मैनिफेस्ट और ट्रैकिंग पूरी तरह डिजिटल।
  • - विजिलेंस टीम नियम तोड़ने पर पोर्टल से तुरंत मेमो जारी करेगी।
  • - आमजन सीधे पोर्टल व व्हाट्सएप पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

ऑन लाइन प्रणाली का यह है उद्देश्य

  • - अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल व पारदर्शी बनाना।
  • - औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी मजबूत करना।
  • - नियमों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना।