लाडपुरा।
लाडपुरा चौराहे के समीप नाले पर बने एनिकट में भरा पानी का रंग बार-बार बदल जाता है। जिसे देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित है। विगत तीन चार दिनों से नाले में भरा पानी का रंग सवेरे पीला रहता है। दोपहर बाद हरा काई की तरह हो जाता है। दिनभर धीरे—धीरे रंग परिवर्तन होने को लेकर ग्रामीणों ने चर्चा बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि नाले में हर वर्ष बरसात का पानी भरा रहता है जिसे मवेशी प्यास बुझाते हैं। नहाने धोने के काम आता है, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। पानी के कलर परिवर्तन को लेकर लोगो की अलग अलग राय है। इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर शिवराज जाट का कहना है कि ये जल प्रदूषण का एक रूप यूट्रोफिकेशन हे। जब जल में नाइट्रेट और फास्फोरस जैसे तत्वों की अधिकता हो जाती है तब हरे शैवाल या काई अचानक से पूरे जल में तीव्र वृद्धि करते हैं।
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इस कारण जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिससे जलीय जीव और पौधे मरने लगते हैं और इनके मरने से जल में जहरीलापन आ जाता है। साथ ही जल में बदबू भी आती है । लाडपुरा सरपंच राजू खटीक ने बताया कि पानी में रंग बदलने की घटना पहली बार सुनी है। दोनों कलर के पानी का सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।