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मौसम की मक्कारी, मुसीबत हम पर भारी

मौसम में बदलाव का असरआउटडोर में रोजाना पहुंच रहे डेढ़ हजार मरीजखांसी, जुखाम और बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 29 Mar 2021, 3:36 PM IST

मौसम की मक्कारी, मुसीबत हम पर भारी

मौसम की मक्कारी, मुसीबत हम पर भारी

भीलवाड़ा।
एक तरफ कोरोना की दूसरी लहर की चिंता तो दूसरी ओर मौसम में बदलाव की मार। हालात यह कि बदलते मौसम के कारण बीमारी ने हमें जकड़ लिया है। हर घर में खांसी-जुखाम की शिकायत आम हो गई। आलम यह कि जिले का सबसे बड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय में आउटडोर में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया है। इसका कारण तापमान है। मार्च माह में ही पारे के उछाल मारने से दोपहर में गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया है। दिन में गर्मी और रात में हल्की सर्दी का अहसास बना हुआ है। इससे लोग वातावरण के अनुकूल नहीं ढल पाने से बीमार हो रहा है। इस समय रोजाना 1५०० से 1७00 लोग आउटडोर में चिकित्सक को दिखाने पहुंच रहे है। इनमें खांसी, जुखाम और बुखार के रोगियों की संख्या ज्यादा है।
एक सप्ताह में उछाल, मार्च में नहीं रहती ऐसी गर्मी
इस बार मौसम के रंग बदलने से जिले में एक सप्ताह में ही तापमापी का पारा 3६ डिग्री पार हो गया। मार्च माह में मई से जैसी गर्मी पडने लग गई है। दोपहर में एसी चलाने की नौबत आ गई है। अमूमन होली के बाद ही एसी चालू होते है। रात में रजाई के जगह चद्दर ओढनी पड़ रही है। दिन-रात के पारे में आए अंतर से बीमारी की हालत पैदा हुई है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों में खांसी-जुखाम की स्थिति है।
हर चिकित्सक कक्ष के बाहर भीड़
एमजीएच चिकित्सालय परिसर में हर चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लग रही है। आउटडोर खुलने से पहले शहरी क्षेत्रों से आए लोग कतार में लग जाते है। फिजीशियन के पास मरीजों की संख्या ज्यादा है। पर्याप्त चिकित्सक नहीं लगाए जाने से घण्टों लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है।
ऐसे तो और बिगड़ जाएगी सेहत
अस्पताल में मरीज चिकित्सक को दिखाकर स्वस्थ्य होने के लिए आ रहे है। लेकिन कोरोना महामारी ने अभी पीछा नहीं छोड़ा है। ऐसे में आउटडोर में कोरोना गाइड लाइन की पालना नजर नहीं आ रही है। कतार में खड़े लोग सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं कर रहे है। वहीं अधिकांश मरीजों ने मास्क तक नहीं लगाते। ऐसे में यह लापरवाही और भारी पड़ सकती है।
दिन में चलने लगी गरम हवा
दो दिन से दोपहर को गरम हवाए चलने लगी है। इसके कारण लोग दोपहर को सड़कों पर कम नजर आने लगे हंै। हालांकि लोग अब मुंह पर मास्क के स्थान पर साफी से काम चला रहे हैं।
इनका कहना है
आउटडोर में मरीजों की संख्या में इस समय इजाफा हुआ है। इस समय करीब डेढ़ हजार मरीज पहुंच रहे हैं। मौसम में परिवर्तन का असर है। दिन में गर्मी और रात में हल्की सर्दी से स्थिति बनी हुई है।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच