
Weddings galore, last Sawa on 11th, Venus will set on 15th
इस साल का अंतिम विवाह मुहूर्त 11 दिसंबर है। इसके बाद मुहूर्त सीधे 4 फरवरी 2026 से शुरू होंगे, जो जुलाई तक चलेंगे। सर्वाधिक विवाह 1 दिसबर को मोक्षदा एकादशी पर होंगे। इस बीच 16 दिसबर से 14 जनवरी तक खरमास रहेगा। इसमें मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। विवाह व अन्य कार्यों की खरीद के लिए दिसबर अंत तक 14 दिन सर्वार्थ सिद्धि, 3 दिन अमृत सिद्धि और 5 दिन रवि सहित कई अन्य शुभ योग रहेंगे।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि नवंबर में खूब शादियां हुई। अब दिसबर में 1, 4, 5, 6 और 7,11 दिसबर को शहनाइयां गूंजेगी। अंतिम विवाह मुहूर्त 11 दिसबर को रहेगा। आगामी 15 दिसबर को शुक्र के अस्त होने पर विवाह नहीं होंगे। शुक्र इसके बाद 1 फरवरी को उदित होगा। फोटोग्राफर, टेंट सचालक, पंडित, हलवाइयों, बैंडबाजा वालों व विवाहस्थलों के अनुमान के अनुसार 11 दिसबर तक जिले में करीब 200 से ज्यादा जोड़े दापत्य सूत्र में बंधेंगे। अधिकांश पंडितों, फोटोग्राफर, केटर्स, टेंट, हलवाई की इन तिथियों के लिए बुकिंग हो चुकी हैं। मैरिज गार्डन आगामी मुहूतों के लिए शहर सहित जिले के सभी मैरिज गार्डन बुक हो चुके हैं।
इस वर्ष दिसंबर माह में इस बार 12 सर्वार्थ सिद्धि योग एवं दो अमृत योग हैं। इनमें शुभ मांगलिक कार्य कर सकते हैं। पंडित व्यास के अनुसार 2 दिसंबर, 3, 7, 8, 9, 14, 18, 21, 22, 28 दिसंबर 30 दिसंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे। इसी तरह से सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ 2 दिसंबर 14 दिसंबर को अमृत योग भी रहेंगे।
इसी तरह से 6 दिसंबर को प्रात: 7:06 से 8:48बजे तक द्वि पुष्कर योग तथा 16 दिसंबर दोपहर 2:09 बजे से रात 11:57 तक, 21 दिसंबर रात्रि 3:36 से सुबह 5:57 बजे तक, 27 दिसंबर सुबह 7:18 से 9 बजे तक तथा 30 दिसंबर की मध्यरात्रि बाद ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5:01 बजे से सुबह 7:20 बजे तक यह त्रि पुष्कर का श्रेष्ठ योग रहेगा।
16 दिसंबर को मलमास तड़के 4:19 बजे से शुरू होगा। इसी के साथ आगामी 13 जनवरी 2026 तक मांगलिक कार्य एवं शुभ कार्यों में विराम लग जाएगा। इस समय में मलमास रहेगा। 2 फरवरी 26 तक शुक्र का तारा अस्त रहेगा।
Updated on:
01 Dec 2025 07:56 pm
Published on:
01 Dec 2025 07:56 pm
