7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हकीकत जानने निकले थे, लीक के डर से नहीं लिया हमीरगढ़ पुलिस को साथ

चित्तौडग़ढ़ के गंगरार थाना क्षेत्र में भीलवाड़ा के सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु आईपीएस) हरिशंकर और उनके जाप्ते से बजरी माफिया के दुस्साहस ने पुलिस की फिर पोल पट्टी खोल दी। सहायक पुलिस अधीक्षक का तड़के गश्त पर निकलना और सम्बंधित थाना पुलिस को सूचना दिए बगैर हकीकत जानना सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रशिक्षु आइपीएस मंगरोप और हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध बजरी दोहन का हाल जानने निकले थे।

2 min read
Google source verification
Went out to know the reality, did not take Hamirgarh police along for

Went out to know the reality, did not take Hamirgarh police along for

भीलवाड़ा. चित्तौडग़ढ़ के गंगरार थाना क्षेत्र में भीलवाड़ा के सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु आईपीएस) हरिशंकर और उनके जाप्ते से बजरी माफिया के दुस्साहस ने पुलिस की फिर पोल पट्टी खोल दी। सहायक पुलिस अधीक्षक का तड़के गश्त पर निकलना और सम्बंधित थाना पुलिस को सूचना दिए बगैर हकीकत जानना सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रशिक्षु आइपीएस मंगरोप और हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध बजरी दोहन का हाल जानने निकले थे। हमीरगढ़ क्षेत्र में बड़े स्तर पर बनास नदी से बजरी दोहन पाया। माफिया को सूचना लीक होने के डर से हमीरगढ़ पुलिस को साथ नहीं लिया था। जो हालात उनको मिले, उससे पुलिस की माफिया से गठजोड़ से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, प्रशिक्षु आइपीएस से बदसूलकी मामले में गुरुवार को दूसरे दिन भी एक भी माफिया गंगरार पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया।

पहले शहर का दौरा, फिर घुसे मंगरोप क्षेत्र में
डीएसपी भंवर रणधीरसिंह को साथ लेकर प्रशिक्षु आइपीएस हरिशंकर बुधवार तड़के चार बजे शहर से निकले। इससे पहले शहर में गश्त कर हालात जाने। उसके बाद मंगरोप क्षेत्र में घुसे। दर्री और आसपास बजरी खनन की स्थिति जानी। चित्तौडग़ढ़ हाइवे पर चढ़ते ही हमीरगढ़ कस्बे के निकट ब्रिज के यहां बजरी भरे कई डम्पर मिले।

अंधेरे में खनन बिन मिलीभगत सम्भव नहीं
प्रशिक्षु आइपीएस ने माना कि रात के अंधेरे में बनास नदी में खनन होता है। रात बारह बजे माफिया सक्रिय होते हैं। भोर से पहले सुबह साढ़े पांच बजे तक डम्परों और ट्रैक्टरों में बजरी भरकर रवाना हो जाते हैं। बड़ी मात्रा में खनन हो रहा है। यह बिन पुलिस की मिलीभगत के सम्भव नहीं है। प्रशिक्षु आइपीएस के दौरे की हमीरगढ़ और मंगरोप पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी। चित्तौडग़ढ़ हाइवे पर डम्पर पकड़ जाने पर हमीरगढ़ पुलिस को सूचना दी। मौके से भागे डम्पर चालकों ने दो-तीन किमी गाड़ी दौड़ाने के दौरान मोबाइल पर सभी माफिया को अधिकारियों की मौजूदगी का अलर्ट भेजा।

पहले चित्तौडग़ढ़ की ओर भगाई, कट मिलते ही भीलवाड़ा घूमे
गंगरार के निकट तिरंगा होटल पर बड़ी संख्या में डम्पर मिलने और माफिया से भिडऩे के बाद प्रशिक्षु आइपीएस के चालक ने पहले गाड़ी चित्तौडग़ढ़ की ओर भगाई। करीब डेढ़ किमी चलने के बाद कट मिलते ही भीलवाड़ा की ओर गाड़ी घूमा दी। इस दौरान माफिया पुलिस गाड़ी का पीछा करते रहे।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी

शहर में गश्त करते हुए मंगरोप होते हमीरगढ़ क्षेत्र से हाइवे पहुंचे। बड़ी संख्या में हमीरगढ़ क्षेत्र से बजरी दोहन कर डम्परों में माफिया ले जा रहे थे। बजरी दोहन की हकीकत जानने के लिए आकस्मिक निरीक्षण किया। हमीरगढ़ थाना पुलिस को साथ नहीं लिया था। ना ही इस बारे में पहले से सूचना दी। बजरी माफिया से किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत सामने आई तो कार्रवाई होगी।
- हरिशंकर, सहायक पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा