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यह कैसी आपदा प्रबंधन, जो कि कागजों में ही की जा रही

भीलवाड़ा शहर में आवासीय स्थलों पर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। दो माह में ५७ नोटिस, लेकिन एक में भी असरकारक कार्रवाई नहीं, ऐसे में शहर की बहुमंजिला इमारतों व रीको क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक व औद्योगिक इकाई में आग का खतरा बरकरार। What kind of disaster management that is being done on paper in bhilwara

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surat : दमकल विभाग ने शहर के कोविड-नोन कोविड अस्पतालों में जांच की

surat : दमकल विभाग ने शहर के कोविड-नोन कोविड अस्पतालों में जांच की

भीलवाड़ा। दो माह में ५७ नोटिस, लेकिन एक में भी असरकारक कार्रवाई नहीं, ऐसे में शहर की बहुमंजिला इमारतों व रीको क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक व औद्योगिक इकाई में आग का खतरा बरकरार।

शहर में आवासीय स्थलों पर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। बहुमंजिला इमारतों में पांचवी माले तक शिक्षण व व्यवसायिक केन्द्र खुले हुए है। व्यवसायिक कॉम्पलेक्सों में भी अधिकांश मालों में गोदाम, शोरूम तक खुले हुए है। लेकिन आपदा प्रबंधन व आग से निपटने के के नाम पर यहां पर खास बंदोबस्त नहीं है। यही हाल शहर के होटल,रेस्टोरेंट, बार, धर्मशाला व रेस्ताओं के है। रीको क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाईयों के भी यही हाल है।

अग्नि कांड पर ही दिखाते गंभीरता
गुजरात के सूरत में गत २४ मई २०१९ को हुए कोचिंग अग्नि कांड में २० विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रदेश में भी राज्य सरकार ने अलर्ट किया। इसका असर भीलवाड़ा में भी दिखा और नगर परिषद की टीमें शहर में दौड़ी और संस्थानों को नोटिस जारी किए लेकिन ये नोटिस कागजी साबित हुए। इससे पूर्व भी वर्ष २०१६ से ३१ मार्च २०१९ तक १५८ नोटिस जारी किए गए, इन पर भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

जनवरी का नियम, अब लागू
राज्य सरकार ने जनवरी माह में प्रदेश में सुरक्षा दृष्टि से फायर एनओसी लेने की अनिवार्यता लागू की है, नगर परिषद ने इस पर अक्टूबर में काम शुरू किया। नगर परिषद अभी तक ५७ नोटिस जारी कर चुकी है। इनमें रीको स्थित औद्योगिक इकाई, कोचिंग सेंटर, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स, इलेक्ट्रोनिक्स व्यापारी, पेट्रोल पम्प, होटल व रेस्तरा आदि शामिल है। नोटिस के जरिए यह पूछा गया कि उनके यहां आग से निपटने के किस प्रकार के संसाधन सुविधा है, आग बुझाने के उपकरण काम कर रहे है या पुराने है। आग लगने की स्थिति में आपातकालीन रास्ते है या नहीं, आदि कई सवाल है।

शहर रखेंगे सुरक्षित
शहर सुरक्षित रहे, इसके लिए आग की घटनाओं से निपटने के लिए लोगों को भी सहयोग जरुरी है। क्यूंकि आपदा प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से घटना के वक्त विकट हालात बन जाते है, जिससे दुर्घटना का आशंका बनी रहती है। पूर्व की व्यवस्थाओं में और प्रभावी सुधार किया जा रहा है। औद्योगिक इकाई, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स, बहुमंजिला इमारतों में संचालित कोचिंग सुरक्षित रहे, इसके लिए टीम जांच कर रही है और इसी आधार पर नोटिस जारी किए जा रहे है,
- दुर्गा कुमारी, आयुक्त, नगर परिषद