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यह कैसी पुलिस की जांच: अधिकारी ने माना मुल्जिम, डीएसपी ने निर्दोष

विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस मामलात) ने एक आरोपी को डोडा चूरा तस्करी मामले से निकाल देने पर माण्डलगढ़ के तत्कालीन एवं रिटायर्ड डीएसपी जीवणसिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। इसके लिए अजमेंर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को लिखा है। विभागीय कार्रवाई कर न्यायालय को सूचित करने के आदेश दिए। मामले से निकाले आरोपी को मुल्जिम मनाते हुए उसका गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 18 Dec 2020, 12:01 PM IST

What kind of police investigation: Officer confessed, DSP acquitted

What kind of police investigation: Officer confessed, DSP acquitted


भीलवाड़ा। विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस मामलात) ने एक आरोपी को डोडा चूरा तस्करी मामले से निकाल देने पर माण्डलगढ़ के तत्कालीन एवं रिटायर्ड डीएसपी जीवणसिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। इसके लिए अजमेंर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को लिखा है। विभागीय कार्रवाई कर न्यायालय को सूचित करने के आदेश दिए। मामले से निकाले आरोपी को मुल्जिम मनाते हुए उसका गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश चौधरी ने बताया कि 9 जनवरी 2014 को बिजौलियां थाने के तत्कालीन प्रभारी सूर्यभानसिंह ने सतकुडिया चौराहे पर नाकाबंदी में पिकअप से 673 किलो 500 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया। मौके से आरोपी भाग गए। मामले की जांच बीगोद थाने के तत्कालीन प्रभारी महावीरप्रसाद मीणा को दी गई। थानाप्रभारी ने अनुसंधान के दौरान ओमप्रकाश, राजेन्द्र उर्फ राजेश, नटवर, रामधन व रामलाल को मुल्जिम माना। ओमप्रकाश, राजेश व रामलाल को गिरफ्तार किया। तीनों से पूछताछ में नागौर जिले के रामलाल जाट के भी साथ होने की बात सामने आई। अनुसंधान अधिकारी ने रामलाल को भी मुल्जिम माना।

जांच बदली तो डीएसपी ने किया बाहर

इस बीच उच्चाधिकारियों के आदेश पर मामले की जांच मांडलगढ़ के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक जीवणसिंह को सौंपी गई। डीएसपी ने डायरी काटते लिखा कि मामले को एक साल बीत गया। ऐसे में कॉल डिटेल नहीं निकलवाई जा सकी। रामलाल को संदिग्ध करार देकर गिरफ्तारी योग्य नहीं माना। रामपाल को मामले से निकाल दिया। न्यायालय में चार्जशीट पेश होने के बाद सुनवाई में महावीरप्रसाद मीणा ने बयान दर्ज दिया व सभी को मुल्जिम माना। वहीं डीएसपी एेसा कोई सबूत नहीं दे पाए कि रामलाल को मामले से बाहर किस आधार पर किया।

अदालत ने गम्भीर माना
चौधरी ने 6 अगस्त 2019 को प्रार्थना पत्र अदालत में पेश किया। इसमें बिना दस्तावेज के रामलाल को निकालने पर आपत्ति जताई व डीएसपी पर कार्रवाई की मंाग की। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर रामलाल को मुल्जिम माना व उसके गिरफ्तारी वारंट जारी किया। तत्कालीन डीएसपी पर कार्रवाई के लिए आइजी को लिखा।