वन्य जीव गणना के अनुसार जिले में वर्ष 2015 में 695 मोर ही पाए गए, इसके बाद मोरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2017 में 824, 2020 में 1169 व वर्ष 20200 की वन्य जीव गणना में 1076 मोरों की मौजदूगी मिली। हालांकि मोरों की विशेष गणना के दौरान मोरों का कुनबा छह गुणना तक बढ़ा नजर आया। वर्ष 2021 में जिले में कुल 6192 मोर पाए गए, वही 2022 में यह आंकड़ा 6735 पहुंच गया। जिले में गंगापुर, भीलवाड़ा, जहाजपुर व आसीन्द रेंज क्षेत्र में मोरों की संख्या अधिक है।