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Hamirgarh airstrip at bhilwara हमीरगढ़ पर जहाजों की उड़ान क्यूं बना सपना, पढि़ए

Hamirgarh airstrip at bhilwara भीलवाड़ा। चित्तौड़ रोड स्थित हमीरगढ़ हवाई पट्टी पर जिली कंपनियों के जहाजों के उड़ान भरने का सपना अब सरकारी फाइलों में ही उड़ान भर रहा है। हकीकत में हमीरगढ़ हवाई पट्टी के हवाई अड्डे में क्रमोन्नत करने की मशक्कत अब राज्य सरकार के नजरिए से प्रस्ताव लेने व देने का ही खेल बन कर रह गया है। Hamirgarh airstrip at bhilwara

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नरेन्द्र वर्मा की रिपोर्ट. भीलवाड़ा। चित्तौड़ रोड स्थित हमीरगढ़ हवाई पट्टी पर जिली कंपनियों के जहाजों के उड़ान भरने का सपना अब सरकारी फाइलों में ही उड़ान भर रहा है। हकीकत में हमीरगढ़ हवाई पट्टी के हवाई अड्डे में क्रमोन्नत करने की मशक्कत अब राज्य सरकार के नजरिए से प्रस्ताव लेने व देने का ही खेल बन कर रह गया है। इन सबके के बीच भीलवाड़ा जिले के साथ ही चित्तौडग़ढ़ जिले में औद्योगिक विकास एवं पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें भी हवाई हो गई है।

चित्तौड़ रोड स्थित हमीरगढ़ हवाई पट्टी चित्तौडग़ढ़ जिले की सीमा से सटी हुई है। यहां घरेलू उड़ान शुरू हो सके एवं औद्योगिक इकाईयों एवं निजी कंपनियों के छोटे एयरक्राफ्ट आसानी से उतर सके, इसके लिए हवाई पट्टी को नागरिक विमानन नई दिल्ली ने ३० वर्ष की अवधि तक के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की मशक्कत तीन साल पहले शुरू की थी। नागरिक विमानन की तरफ से हमीरगढ़ हवाई पट्टी को लेकर मांगी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने केन्द्र को भिजवा भी दी, लेकिन अब सब कुछ जयपुर व दिल्ली के बीच सरकारी बस्ते में बंध कर रह गया है। विधान सभा व संसद में हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में कम्रोन्नत करने की मांग उठ चुकी है, लेकिन इसका नतीजा सतही स्तर पर चार साल में नजर नहीं आ सका।

एक साथ दो लैडिंग की समस्या
हमीरगढ़ हवाई पट्टी का उपयोग अभी केन्द्र व राज्य सरकार के सीएम, मंत्रियों, राष्ट्रीय नेताओं, देश के प्रमुख उद्योग समूह एवं निजी कंपनियों के मालिक व निदेशकों के चाटर्ड प्लेन उतरने के लिए हो रहा है। यहां एक साथ दो प्लेन की लैडिंग में समस्या आती है, गत दिसम्बर में ही सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के प्लेन एक साथ उतरे थे, ऐसे में काफी समस्या आई थी।

केन्द्रीय उड््यन विभाग का निरीक्षण
हमीरगढ़ हवाई पट्टी पर हलके विमानों की लैंडिग हो सके और औद्योगिक घराने व इकाईयों हवाई पट्टी का उपयोग अधिक से अधिक कर सके, इसके लिए केन्द्रीय उड््यन विभाग एवं जयपुर की टीम हवाई पट्टी का निरीक्षण भी कर चुकी है। वही सार्वजनिक निर्माण विभाग ने हवाई पट्टी के विस्तार के लिए नवीनीकरण एवं आमूलचूल परिवर्तन के कई कार्य भी गत चार वर्ष मे कराए है।

चार कर्मचारी कर रहे चौकसी
हवाई पट्टी पर वीआईपी लांच व पायलट हाउस है। आपात स्थिति में विमान उतरने की स्थिति में रनवे पर लाइट विजन है, लेकिन इसका उपयोग अभी तक नहीं हो सका है। यहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग के चार सहायक कर्मचारियों के भरोसे है। यहां डामरीकृत रनवे के नवीनीकरण, लाइन मार्किग, चहारदीवारी के कार्य हुए है। टर्मिनल भवन समेत अन्य सुविधाओं के बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को बजट प्रस्ताव भिजवा रखा है।

दो जिले में हवाई पट्टी की सीमा
हवाई पट्टी भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ जिले में 185 बीघा भूमि में फैली हुई है। पट्टी की मौजूदा लम्बाई 1530.80 मीटर है जबकि इसकी चौड़ाई 30.50 मीटर है। हवाई पट्टी तक पहुंचने के लिए तीन मीटर की चौड़ाई में सड़क सुविधा है। इसमें हवाईपट्टी का दायरा भीलवाड़ा में 96 बीघा व चित्तौडग़ढ़ में 89 बीघा भूमि में आ रहा है। लेकिन हवाई पट्टी भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से महज 24 किलोमीटर दूर होने से हवाई पट्टी का नियंत्रण केन्द्र सरकार ने जिला प्रशासन के जिम्मे कर रखा है।

हवाई सेवा विस्तार से औद्योगिक विकास
औद्योगिक विकास की गति के लिए हमीरगढ़ हवाई पट्टी का क्रमोन्नत होना जरूरी है। यहां घरेलू उड़ान शुरू होने एवं औद्योगिक इकाईयों एवं निजी कंपनियों के छोटे एयरक्राफ्टों के उतरने से जिला हवाई नक्शे पर उभर सकेगा। इससे औद्योगिक विकास के साथ ही शिक्षा व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हवाई सेवा विस्तार के किए केन्द्र को प्रस्ताव भिजवा रखे है। . सुभाष बहेडिय़ा, सांसद, भीलवाड़ा

हो चुका सर्वे, भेज दी रिपोर्ट

नागरिक विमानन नई दिल्ली की तरफ से हमीरगढ़ हवाई पट्टी को तीस साल के लिए निजी संस्था को लीज पर दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। यहां का सर्वे भी पूर्व में हुआ है। . डॉ. राजेश गोयल, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन, भीलवाड़ा

जिला प्रशासन ने मांगी सूचना
हमीरगढ़ हवाई पट्टी की देख रेख सार्वजनिक निर्माण विभाग संभाले है, जिला प्रशासन ने हाल ही हवाई पट्टी की व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी मांगी है। इससे पूर्व केन्द्रीय उड््यन विभाग ने हवाई पट्टी को तीस साल पर लीज पर देने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। . आरएल खटीक, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग

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