
Why is there a lot of confusion in electricity bills in Bhilwara, know
भीलवाड़ा। अजमेर विद्युत वितरण निगम के लॉक डाउन अवधि में जारी मार्च, अप्रेल व मई के बिलों को लेकर ढेरों शिकायतें है। वास्तविक रीडिंग के बिलों में समायोजन की बढ़ती शिकायतों के निपटारे के लिए भीलवाड़ा वृत्त ने विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
अधीक्षण अभियंता एस के उपाध्याय ने बताया कि लॉक डाउन अवधि के दौरान उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए निगम ने अनेक राहत प्रदान की है। बिलिंग एजेंसी द्वारा जारी किए गए बिलों को निगत द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के आधार पर निगम की टीम ने सैंपल बिलों को जांच किया है, जो सही पाए गए हैं। कस्टमर अपनी बिल संबंधी शिकायत निगम के कंट्रोल रूम या 6350616438 पर दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा भीलवाडा शहर के उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए सेवा प्रदाता सिक्योर कार्यालय में भी क्विक रिस्पांस टीम का गठन कर निगम अधिकरियों की देखरेख में रोजाना कार्यवाही की जा रही है।
यूं समझिए बिलों की गणना व छूट
निगम द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार बिलों की गणना और राहत इस प्रकार दी गई है। घरेलू उपभोक्ता, जिनका उपभोग 150 यूनिट तक है, के अप्रेल व मई माह के बिलों को पूर्व के चार माह के उपभोग के एवरेज के अनुसार प्रोविजनल आधार पर जारी किया गया है। जून माह के बिलों को मीटर रीडिंग पठन के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें अप्रेल व मई के बिलों में दर्शाई यूनिट का समायोजन कर दिया गया है।
अगर किसी उपभोक्ता ने अप्रेल व मई माह का बिला जमा कराया है तो उसकी जमा राशि को जून के बिल में समयोजित कर दिया गया है। यदि अप्रेल व मई माह के बिल का भुगतान नहीं किया है तो भी कोई विलम्ब शुल्क चार्ज नहीं किया जा रहा है। जो उपभोक्ता 30 जून तक अपना बिल जमा कराते हैं तो उन्हें लॉक डाउन अवधि के बिलों की 5 प्रतिशत छूट 1 जुलाई के बाद जारी होने वाले बिल में दी जाएगी।
150 यूनिट प्रतिमाह से अधिक पर यूं गणना
घरेलू उपभोक्ता, जिनका उपभोग 150 यूनिट प्रतिमाह से अधिक है, के जून माह के बिलों को मीटर पठन रीडिंग के आधार पर जारी किया गया है तथा अप्रेल व मई माह के बिलों में दर्शाए गए यूनिट को जून माह में समायोजित कर दिया गया है। नियत तिथि तक बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को 1 जुलाई के बाद जारी होने वाले बिल में 5 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा। ऐसे अघरेलू उपभोक्ताए जिन्होंने लॉक डाउन के दौरान बिजली उपभोग नहीं किया है, के अप्रेल व मई माह में प्रोविजनल आधार पर जारी बिलों को जून माह के मीटर पठन रीडिंग के अनुसार समायोजित कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अप्रेल व मई माह के बिल जमा करा दिए हैं, उनके बिल की जमा राशि जून माह में जारी बिल में समायोजित कर दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं के अप्रेल, मई व जून माह के स्थाई शुल्क को 30 जून तक स्थागित किया गया है।
कृषि में यह रहा आधार
जिले के कृषि उपभोक्ताओं के अप्रेल व मई माह के बिल भी प्रोविजनल आधार पर जारी किए गए हैं, जो जून माह की मीटर पठन रीडिंग में समायोजित कर दिए गए हैं। अप्रेल व मई माह में जमा हो चुके बिलों की राशि भी जून माह के वास्तविक रीडिंग के आधार पर समायोजित कर दी गई है। अप्रेल व मई माह के बकाया बिलों का भी विलंब शुल्क नहीं लिया जा रहा है तथा 30 जून तक बिल जमा कराने पर आगामी बिल में 5 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जाएगा।वहीं ऐसे औद्योगिक उपभोक्ता, जिन्होंने लॉक डाउन अवधि में विद्युत उपभोग नहीं किया है, के अप्रेल, मई, जून माह के बिल मीटर पठन के अनुसार ही जारी किए गए हैं तथा अप्रेल व मई माह के बिल 30 मई तक जमा कराने पर विलंब शुल्क में छूट दी गई है। इनका भी तीन माह का स्थाई शुल्क 30 जून तक स्थगित किया गया है। समस्त प्रकार के उपभोक्ताओं के जून माह से बिल मीटर पठन के आधार पर ही जारी किए जा रहे हैं।
Published on:
21 Jun 2020 08:53 pm
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