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राजस्व मंडल के फैसले के खिलाफ वन विभाग करेगा अपील

भीलवाड़ा. राजस्व मंडल अजमेर की ओर से जिले के बिजौलियां क्षेत्र में वन विभाग की 227.10 बीघा जमीन निजी खातेदारों के नाम करने के आदेश के खिलाफ अब वन विभाग राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील करेगा।

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राजस्व मंडल के फैसले के खिलाफ वन विभाग करेगा अपील

राजस्व मंडल के फैसले के खिलाफ वन विभाग करेगा अपील

भीलवाड़ा. राजस्व मंडल अजमेर की ओर से जिले के बिजौलियां क्षेत्र में वन विभाग की 227.10 बीघा जमीन निजी खातेदारों के नाम करने के आदेश के खिलाफ अब वन विभाग राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील करेगा। उधर राजस्व मंडल के राजकीय अभिभाषक ने उप वन संरक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि वे अग्रिम कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं।

वन विभाग के जिलाधिकारी वीरसिंह ओला ने बताया कि राजस्व मंडल के 20 जनवरी के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक वैंकटेश शर्मा ने उन्हें ओआईसी नियुक्त किया है। उधर मांडलगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी दशरथ सिंह ने चित्तौड़गढ़ वन विभाग से 1947 के दस्तावेज जुटाए हैं। इन दस्तावेजों में भी वन क्षेत्र दर्ज है। सिंह ने बताया कि इस जमीन को लेकर 9 फरवरी को बिजौलियां एसडीएम और तहसीलदार को आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखा कि यह जमीन खातेदारों के नाम दर्ज नहीं करें, क्योंकि यह वन विभाग के नाम दर्ज है।
राजस्व मंडल अजमेर ने जिस जमीन को खातेदारों के नाम दर्ज करने का आदेश दिया वह नया नगर सैंड स्टोन खनन एरिया में है। इस क्षेत्र में अच्छी क्वालिटी का सैंड स्टोन है। इस जमीन पर सघन वन है और कई वन्यजीव हैं। पत्र मिलने के बाद बिजौलियां तहसीलदार ने यह जमीन खातेदारों के नाम दर्ज करने की कार्रवाई रोक दी है।
यह है मामला
राजस्व मंडल के आदेश अनुसार नयानगर आरोली की जमीन मदन पुत्र बिशनसिंह के खातेदारी अधिकार में रही है। बाद में इसे वन विभाग की ओर से जंगलात के नाम दर्ज कर दिया गया। जमाबंदी खतौनी खसरा संख्या 105 जो सम्बत 2018 से 21 की है जिसमे काश्तकार का नाम मदन पुत्र बिशन सिंह अंकित है। आराजी नंबर 105 /1 जमाबंदी से 75 सं. 2021 तक मदन पुत्र बिशनसिंह राजपूत के खाते दर्ज थी जिसका नया नं. 20 बना है। खसरा न. 105 / 1 ग्राम नयानगर सेटलमेंट से पूर्व जंगलात के खाते में दर्ज नही था। जबकि नए सेटलमेंट में खसरा नम्बर 20 जंगलात खाते मे दर्ज है। यह इन्द्राज दुरुस्ती में आता है। इसका अधिकार उप जिलाधीश को ही है। इस कार्यालय को नहीं है। फिर भी वन विभाग इस निर्णय के सम्बन्ध में स्वयं के स्तर पर विधिक विभाग से परामर्श करके अपने स्तर पर अपील करने के निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
राजस्व मंडल के आदेश के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील की जाएगी। यह जमीन वन विभाग की है इसे किसी भी तरह से निजी लाेगाें के नामांतरणा नहीं कर सकते। वन विभाग के कुछ स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत नहीं कराने के मामले में अब उनको चार्जशीट देने की तैयारी कर रहा है। इस मामले में अधिकारियाें की माॅनीटरिंग में लापरवाही रही। अब तक विभाग के पक्ष काे मजबूती से नहीं रखा गया। इसके सभी जिम्मेदार अधिकारियाें के खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीएन पांडे, पीसीसीएफ जयपुर