8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुपर स्पेशलिटी सेवा के लिए करना होगा 5 साल इंतजार

भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज का मामला
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 1 Aug 2021, 9:42 AM IST

सुपर स्पेशलिटी सेवा के लिए करना होगा 5 साल इंतजार

सुपर स्पेशलिटी सेवा के लिए करना होगा 5 साल इंतजार

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के दो साल बाद भी रीजों को सुपर स्पेशलिटी सेवा नहीं मिल पा रही है। सरकारी अस्पताल में न डाक्टर हैं और न सुपर स्पेशलिटी सेवा। मेडिकल कॉलेज का पहला बैच भी नहीं निकला। ऐसे में ये सुविधा मिलने में अभी कम से कम पांच साल और लगेंगे।
अभी सुपर स्पेशियलिटी सेवा से जुड़े डॉक्टरों के पद सर्जित नहीं किए गए हैं। ऐसे में हृदय रोग मरीजों को ऑपरेशन और इलाज के लिए निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। लाखों रुपए भी खर्च करने पड़ते है। सुपर स्पेशियलिटी वार्ड खुलने से आसपास के जिलों के मरीजों को भी सुविधा मिलेगी। अभी अस्पताल में दिल के मरीजों को स्टंट तक नहीं डाल सकते हैं। सुपर स्पेशलिटी के अभाव में न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, नियोनेटोलॉजी, पीडियाट्रिक्स सर्जरी, गेस्ट्रोलॉजी (मेडिसन) तथा गेस्ट्रोलॉजी सर्जरी, कार्डियोलॉजी के इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है।
बनेगा नया भवन
मेडिकल कॉलेज में नए भवन का निर्माण होगा। सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की भर्ती प्रक्रिया नए नियम के तहत होगी। इसके लिए कॉलेज को एमसीआई से मान्यता लेनी होगी। हालांकि एमजीएच में बहुंजिला भवन बनाने की है। अन्य वार्डो का विस्तार भी होगा। नया भवन बनने के बाद मेडिकल कॉलेज को अलग-अलग विभागों में पीजी सीटों का फायदा होगा। कॉलेज में डीएम और एमसीएच कोर्स भी शुरू हो सकेंगे। इसकी भी सीटें मिलने का अनुमान है।
-------------
सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं
गेस्ट्रोलॉजी: इस बीमारी में मरीज की पाचन शक्ति शिथिल हो जाती है। पेट बढऩे लगता है और आंतों में सूजन या इन्फेक्शन हो जाता है।
गेस्ट्रोलॉजी सर्जरी: आंतों के डैमेज या इन्फेक्शन की दशा में तत्काल ऑपरेशन की सुविधा।
नियोनेटोलॉजी: समय व कम वजन के साथ पैदा हुए व गंभीर बीमारी से पीडि़त नवजात शिशुओं का इलाज।
पीडियाट्रिक सर्जरी: जन्म से अंगों में विकृति या गंभीर बीमारी से ग्रस्त शिशुओं के ऑपरेशन की सुविधा।
नेफ्रोलॉजी: ये किडनी से संबंधित होता है। किडनी में स्टोन, सूजन या दूसरे इन्फेक्शन का इलाज किया जाता है।
नेफ्रोलॉजी सर्जरी: इसमें पथरी का ऑपरेशन व किडनी से संबंधित मेजर व माइनर सर्जरी की सुविधा।
यूरोलॉजी: मूत्र व गुर्दा संबधित गंभीर बीमारियों की सुविधा। मरीजों को प्राइवेट अस्पताल की आवश्यता नहीं पड़ेगी।
यूरोसर्जरी: मूत्र संबंधी बीमारी से पीडि़त मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा।
-----------
अभी पद स्वीकृत नहीं
एमजीएच में अभी सुपर स्पेशलिटी सेवा के लिए कोई पद स्वीकृत नहीं है। यह सेवा शुरू होने में अभी और समय लगेगा। मेडिकल कॉलेज का भी विस्तार होगा।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच