
भीलवाड़ा। 16 अप्रेल को बिजौलियां के वन क्षेत्र में वनपाल लादूलाल शर्मा व वनरक्षक चांदमल रेगर ने लकड़ी लेकर आ रही करीब एक दर्जन महिलाओं से सजा के तौर पर उठक बैठक लगवाई। इसका वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इसे पुलिस की कार्रवाई बताते हुए निंदा की तो महकमे में हड़कम्प मच गया। जांच में जब मामला वन विभाग का निकला तो डीजीपी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने पर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे दी। जिला वन अधिकारी ने रविवार रात को दोनों वनकर्मियों को निलम्बित कर दिया।
इस घटनाक्रम की वनरक्षक चांदमल ने मोबाइल से वीडियो क्लिप बना थी। करीब 25 दिन बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने इसे पुलिस की कार्रवाई करते हुए सरकार पर हमला बोल दिया। इससे पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई। पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने मामले की जांच करवाई। जांच में यह मामला वनविभाग का निकला तो उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए।
वनपाल लादूलाल शर्मा व वनरक्षक चांदमल रेगर का यह कृत्य वन सेवा के तहत उचित नहीं है। दोनों को निलम्बित कर जांच शुरू कर दी गई है।
देवेन्द्रप्रताप सिंह जागावत, उप वन संरक्षक, भीलवाड़ा
जो इस तरह की हरकत कर रहा है, वह खाकी वर्दी में है और उसके हाथ में डंडा है। वीडियो में गरीब महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत की गई। हमने यह मुद्दा उठाया तो कम से कम दोषी पर कार्रवाई तो हुई।
लक्ष्मीकांत भारद्वाज, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता
क्या महिलाओं का चूल्हा जलाने के लिए जंगल से लकडिय़ां लाना इतना बड़ा अपराध है कि उठक-बैठक लगवाकर प्रताडि़त किया गया। भीलवाड़ा जिले के गोवर्धनपुरा गांव के फोरेस्टर को ऐसी बेशर्मी करने का अधिकार किसने दिया। राज्य की गहलोत सरकार ऐसे कर्मचारी को बर्दाश्त कैसे कर रही है।
किरोड़ीलाल मीणा, राज्यसभा सांसद
Published on:
11 May 2020 03:21 pm
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