
भीलवाड़ा कछु़आ चाल से हो रहा काम, लक्ष्य अभी भी दूर
भीलवाड़ा. केंद्र सरकार ने स्वच्छता का दूसरा कदम ओडीएफ प्लस (खुले में शौच मुक्त गांव) उठाया था, लेकिन ये अभियान भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले में अभी तक कछुआ चाल ही साबित हुआ है। 1792 गांवों में से अब तक 638 गांव ही ओडीएफ हो पाए हैं। यानी आधे से अधिक गांव अभी भी खुले में शौच मुक्त नहीं हो सकें है।
सबसे पिछड़ा क्षेत्र कोटड़ी
दोनों ही जिले में अब तक तय लक्ष्य का 36 प्रतिशत काम हुआ है। इसमें भी सबसे पिछड़ा क्षेत्र कोटड़ी, आसीन्द, जहाजपुर, शाहपुरा व मांडल क्षेत्र शामिल है। सरकार ने शुरूआती दौर में स्वच्छ भारत मिशन के जरिए हर घर में शौचालय बनवाए। ये लक्ष्य काफी हद तक यहां भी पूरा हुआ लेकिन बाद में धीरे-धीरे खुले में शौच जाने लगे।
अभियान के तहत खुले में शौचमुक्त गांव तो होंगे ही। साथ ही गांवों में निकलने वाले ठोस व तरल अपशिष्ट का निस्तारण होगा। इसके लिए पूरा गांवों का ढांचा तैयार करना था। बकायदा रकम भी जारी की गई लेकिन यहां कोटड़ी, आसीन्द, जहाजपुर ब्लॉक में काम की गति मंद है। कोटड़ी में मात्र 3 7 फीसदी काम पूरा हुआ है। वहीं आसीन्द में 16, जहाजपुर में 17, शाहपुरा में 28 फीसदी काम। हालांकि बिजौलिया में सर्वाधिक 56 प्रतिशत काम हुआ है।
जिला परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जिले के सभी 1792 गावों को आडीएफ प्लस करने का लक्ष्य वर्ष 2025 तक है। हालांकि इस साल का लक्ष्य 896 गांव के मुकाबले अब तक 638 गांव ओडीएफ प्लस हो चुके है।
निम्बाहेड़ा जाटान मॉडल गांव
जिला परिषद के अनुसार करेड़ा क्षेत्र के निम्बाहेड़ा जाटान एक मात्र ऐसा गांव है जहां नालियां, बनी है। गंदा पानी सड़कों पर नहीं बहता है। कहीं भी कीचड़ नजर नहीं आता है। इस गांव को मॉडल के रूप में चयन करने के लिए अगस्त माह में ही केन्द्र सरकार की एक टीम यहां आई थी। टीम ने पूरे गांव का दौरा किया था। निम्बाहेड़ा जाटान में अब कचरा संग्रहण केन्द्र बनाने की योजना चल रही है।
Published on:
23 Sept 2023 10:49 am
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