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मंडी में व्यापारियों की हड़ताल से काम-काज ठप

पहले दिन नहीं हो सका काम-काज

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Workers stalled due to strike by traders in Mandi in bhilwara

Workers stalled due to strike by traders in Mandi in bhilwara

भीलवाड़ा .

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर मंगलवार से भीलवाड़ा सहित प्रदेश की 247 कृषि उपज मंडियों में चार दिन की हड़ताल शुरू हो गई। जिला मुख्यालय स्थित महात्मा ज्योति बा फुले कृषि उपज मंडी में खाद्यान्न व्यापारियों ने काम बंद रखा। कोई कामकाज नहीं हुआ। यह हड़ताल केन्द्र सरकार के कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 के विरोध में की जा रही है। इस अध्यादेश के अधीन मंडियों से बाहर काम करने वाले व्यापारी, मिलर, वेयर हाउसेज बगैर मण्डी लाइसेन्स तथा बिना मण्डी सेस चुकाए जिंसों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। राज्य के किसी भी कोने में किसान, ट्रेडर, आढ़तिया क्रय-विक्रय कर सकेंगे तथा राज्य के बाहर भी कृषि जिंस की खरीद-फरोख्त, बिना अनुज्ञापत्र लिए तथा बगैर मण्डी सेस चुकाए कर सकेंगे। भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी खाद्यान्न व्यापार संघ अध्यक्ष मुरली इनानी ने बताया कि इसके कारण मंडियों में कार्यरत व्यापारी व आढ़तियों का व्यापार समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। व्यापारियों की मांग है कि केन्द्र सरकार ने जिस प्रकार इस अध्यादेश के तहत मंडी के बाहर मंडी सेस तथा अन्य सेस समाप्त किए हैं, उसी प्रकार मंडियों में भी मण्डी सेस व अन्य सेस समाप्त करें। यदि केन्द्र सरकार यह नहीं कर सकती है तो मण्डी के बाहर कार्य करने वाले व्यापारी, मिलर आदि को भी राज्यों में लागू मण्डी टैक्स देय लागू किया जाए। उधर, राज्य सरकार ने सोमवार को विधानसभा में राजस्थान कृषि उपज मण्डी (द्वितीय संसोधन) विधेयक पास करवा लिया। इसके बिन्दु संख्या 2 के अनुसार मुख्य मण्डी प्रांगण के अलावा गौण मंडियों, निजी मंडियां, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, मण्डी प्रांगण या गौण मण्डी क्षेत्र से लगती सीमा के बाजार व गोदाम, सभी क्षेत्रों को मण्डी प्रांगण की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इससे इन स्थानों पर होने वाले खरीद बिक्री को मण्डी एक्ट की परिधि में शामिल किया गया है। इससे यहां मण्डी शुल्क व कृषक कल्याण फीस लागू होगी तथा लाइसेंस की आवश्यकता भी होगी। साथ ही लाइसेंसधारी व्यापारियों की ओर से जो भी कृषि जिन्स खरीद की गई है, उसका अगर पूर्व में मण्डी शुल्क व कृषक कल्याण फीस जमा नहीं करवाई गई है तो खरीदार यह कर जमा करवाने के लिए उत्तरदायी होगा।
इनका कहना है...
कृषि उपज मंडी में आज से चार दिन के लिए हड़ताल शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने संशोधन अध्यादेश पास किया है। इस बारे में मंडी सेक्रेट्री से बात कर वस्तु स्थिति पता करेंगे। इसी के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
मुरली इनानी, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी खाद्यान्न व्यापार संघ