जिले भर में कई जगह सामूहिक विवाह समारोह हुए। मैथिल सेवा संस्थान ने बापूनगर के महादेवी पार्क में सुबह 11.15 बजे शुद्ध घास व मिट्टी से निर्मित सरस्वती माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की। छोटे बच्चों को प्रथम अक्षरज्ञान भी कराया। समिति अध्यक्ष संजय झा ने बताया कि पंचमी पर सुबह स्नान के बाद सफेद व पीले वस्त्र धारण कर कलश स्थापना कर माता सरस्वती के साथ भगवान गणेश, सूर्यदेव, भगवान विष्णु व शिवजी की भी पूजा अर्चना की गई। पीले रंग की मिठाई या खीर का भोग लगाया गया। शाम को मांडणा व रंगोली प्रतियोगिता रखी गई। रात में आरती के बाद नवल भारद्वाज के सानिध्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ हुआ। झा ने बताया कि मां सरस्वती का वंदन कर एक दूसरे को गुलाल आदि लगाकर समारोह को धूमधाम से मनाया गया। शुक्रवार सुबह प्राचीन पद्धति के अनुसार माता के चरणों पर पीले पुष्प, गुलाल तथा पीले रंग की मिठाई व् खीर का भोग के साथ पूजा प्रारंभ होगी, तथा दोपहर में मूर्ति विसर्जन कर दो दिवसीय आयोजन का समापन होगा।बसंत पंचमी पर जिलेभर में विभिन्न मंदिरों में भीड़ रही।