
youth Sweating in Luhari Kalaan to become a soldier
भीलवाड़ा। जिला मुख्यालय से 145 किलोमीटर दूर जिले के अंतिम छोर एवं टोंक व बूंदी जिले से सटी सीमाओं पर बसा लुहारीकलां गांव इन दिनों भारतीय सेना के लिए जवान तैयार करने का प्रशिक्षण शिविर बना हुआ है।
जवानों का गांव कहे जाने वाले लुहारीकलां में करीब चार सौ युवाओं को सेना का प्रशिक्षण देने का जिम्मा भारतीय सेना से कमीशन यानि रिटायर्ड हो कर लौटे दो जवान संभाले हुए है। इनमें 108 बोफ ोर्स फ ील्ड रेजीमेंट प्लाटून से 22 साल देश सेवा करने के बाद आए जवान रामसिंह मीणा (4६) व 12वीं ग्रेनेडियर से सेवानिवृत्त हुए जवान राजकुमार मीणा (४५) शामिल है। दोनों का देश प्रेम का जज्बा यहां प्रशिक्षण के दौरान देखने को मिलता है। इस गांव में 70 प्रतिशत लोग सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं या सेवा कर घर लौट आए हैं।
व्हिसल बजते ही युवा दौड़ते है
युवाओं में देश प्रेम और सेना भर्ती के लिए युवाओं को प्रेरित करने और उनका हौसला बढ़ाने में जुटे दोनों जवान रोजाना तड़के 4 बजते ही गांव के बाहर खेल मैदान में पहुंच जाते हैं। इसे अब सैनिक ग्राउण्ड से भी जाना जाता है। यहां उनकी व्हिसल की आवाज सुनकर गांव के युवा दौड़ते हुए ग्राउंड पर पहुंच जाते हैं। यहां युवाओं में शारीरिक फि टनेस पर अधिक जोर रहता है, ताकि सेना भर्ती रैली के दौरान युवा पूरा दमखम दिखा सके। यहां ट्रेनिंग के लिए जहाजपुर तहसील के ही गाडौली, छोटी लुहारी, टीकड़, बासनी,उमर,अमरवासी, टिटोडा, टिटोडी सहित आसपास के एक दर्जन गांव से बड़ी तादाद में युवा आते हैं। अभी लुहारीकलां में 400 युवा सेना की आगामी भर्ती रैली की तैयारी कर रहे है।
नियम ऐसे मानो सेना कर रही भर्ती
राजकुमार मीणा बताते है कि युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो कि कठोर होता है। जो युवा ट्रेनिंग के लिए आ रहे हैं, उन्हें व्यसनों से दूर रहने की नसीहत दी गई है, अगर कोई युवा नशा करके आता है या उसके बारे में नशे की लत्त होने की जानकारी मात्र पर से ही उसे ट्रेनिंग से बाहर कर दिया जाता है। हम इस छोटे से गांव में विपरीत परिस्थितियों में भी युवाओं को सेना के लिए तैयार कर रहे हैं, मकसद बस देश सेवा है। हमें पर्याप्त सुविधाएं मिले तो हम एक से बढ़कर एक युवा सेना के लिए तैयार कर सकते है। कोई भी सेना भर्ती हो तो वहां की सारी बाधाए पार करने में ट्रेनिग से हिम्मत बंधती है।
सिर्फ जाते ही भर्ती कर लिया जाएगा
राम सिंह मीणा ने बताया कि गांव की जनसंख्या 7500 है, मतदाता 5000 है। छोटे से गांव में 800 से अधिक युवा वर्तमान समय में सेना से जुड़कर देश सेवा कर रहे हैं। 600 से अधिक सैनिक देश सेवा कर सेवानिवृत्त हो चुके है। कुछ सेवानिवृत्त सैनिक नि:स्वार्थ भाव से आगे आए तो हम और अच्छे तरीके से बेहतर रूप से सेना के लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर सकते हैं। गांव ही क्या अधिकारी स्वीकृति दे तो तहसील स्तर पर भी हम नि:शुल्क युवाओं को सेना के लिए प्रेरित कर सकते हैं और प्रशिक्षण देकर सेना के लिए तैयार कर सकते हैं। सैनिक कल्याण बोर्ड से हमें स्वीकृति मिले तो हम नि: शुल्क जिले स्तर पर भी युवाओं को ट्रेनिग दे सकते हैं। कस्बा छोटा होने से सुविधा जनक मैदान नहीं हैए मगर यहां के सरपंच हमें पूरा पूरा सहयोग दे रहे हैं। सेना भर्ती के लिए 17 से 21 साल के युवा योग्य है।
जवानों का गांव
युवा प्रशिक्षण ले रहे युवा बताते है कि दोनो सर, कड़ा अभ्यास करा रहे है, शारीरिक क्षमता को सेना के अनुकू ल बनाने के लिए वो कठोर श्रम कराते है, कही कोई हताश नहीं हो, इसके लिए वो पूरा प्रोत्साहित करते है, यहां प्रशिक्षण केन्द्र से गांव में युवाआें का देश भक्ति के प्रति जज्बा कही अधिक है और सभी सेना में भर्ती होना चाहते है
Published on:
22 Aug 2020 12:40 pm
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