देवेन्द्र ने बताया कि नौ जुलाई को भी वह सभी दोस्त पाड़ाझर झरने पर आए थे। सूचना मिलने पर एसडीएम दीपक सिंह खटाना, पुलिस उप अधीक्षक प्रभु लाल कुमावत, थाना प्रभारी रजनीश गुर्जर मौके पर पहुंचे। मौके पर एसडीआरएफ टीम व कोटा नगर निगम के गोताखोरों को भी बुलाया गया। गौरतलब है कि शनिवार को ही पाड़ाझर झरने में डूबने से कोटा के दो युवकों की मौत हो गई थी।