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पीएम आवास वितरण में 1.84 करोड़ का घोटाला

मेहगांव विस क्षेत्र के हसनपुरा व कृपे का पुरा में अपात्रों के नाम जारी कर दी आवास के लिए धनराशि

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भिंड

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Abdul Sharif

Oct 06, 2022

पीएम आवास वितरण में 1.84 करोड़ का घोटाला

पीएम आवास वितरण में 1.84 करोड़ का घोटाला

अब्दुल शरीफ भिण्ड.
प्रत्येक बेघर को आवास मुहैया कराए जाने के उद्देश्य से संचालित पीएम आवास योजना को भ्रष्टाचार रूपी दीमक खोखला कर रही है। इसका ताजा उदाहरण मेहगांव विस क्षेत्र के ग्राम पंचायत हसनपुरा एवं कृपे का पुरा में हुए १.८४ करोड़ के घोटाले के रूप में सामने आया है।
करीब 1000 की आबादी वाले हसनपुरा में 72 एवं लगभग 900 की जनसंख्या वाले कृपे का पुरा में 51 पीएम आवास के लिए अपात्रों को धनराशि आवंटित कर दी गई है। जबकि दोनों ही पंचायतों में 90 प्रतिशत परिवार खुद के पक्के घरों में रह रहे हैं। मजे की बात ये है कि हसनपुरा में कुल घरों की संख्या लगभग 100 है जबकि कृपे का पुरा में 55 से 60 मकान बने हुए हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि दोनों ही गांव में भ्रष्टाचार की गंगा ऐसी बही कि 80 से 85 फीसद लोगों को आवासहीन दर्शाकर उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ दिला दिया गया।
- जरूरतमंद नौ बड़ी ग्राम पंचायतों में सिर्फ एक-एक आवास और पांच ग्राम पंचायतों में एक भी नहीं हुआ स्वीकृत
मेहगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 104 ग्राम पंचायतों में चार से पांच हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत प्रतापपुरा, आंतो, सायपुरा, बड़ेरा एवं धनौली में आवासहीनों की संख्या अधिक होने के बावजूद एक भी आवास स्वीकृत नहीं किया गया है। वहीं अड़ोखर, गोरम, लालपुरा, पर्रावन, सैमरा, खेरिया सिंध, कन्हारी एवं सैमरा पंचायत में 15 से 20 फीसदी जरूरमंद परिवार होने के बावजूद उपरोक्त ग्राम पंचायतों में महज एक-एक आवास आवंटित हो पाया है।
- पूर्व जनपद सदस्य ने तथ्यों सहित की शिकायत पर शुरू हुई जांच में भी हो रही लीपापोती
सनद रहे 23 मई 2022 को पूर्व जनपद सदस्य मुन्ना सिंह भदौरिया ने हसनपुरा व कृपे का पुरा में पीएम आवास घोटाले की तथ्यों सहित मेहगांव एसडीएम वरुण अवस्थी को शिकायत की थी। तदुपरांत एसडीएम ने 30 मई 2022 को उक्त मामले के लिए जांच दल गठित किया। जांच दल में तहसीलदार आरएन खरे, जनपद पंचायत सीईओ अतुल सक्सेना, पटवारी उत्तम नारायण शर्मा, संजय श्रीवास्तव, अमन शर्मा, देवेश शर्मा, अरविंद जैन, भीकम सिंह, ग्राम पंचायत सचिव हसनपुरा, ग्राम पंचायत सचिव कृपे का पुरा को शामिल किया गया था। एसडीएम ने उक्त आवासों की जांच तीन दिन में पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। दल गठित होने के बाद जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। ऐसे में जब शिकायकर्ता ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को मामले से अवगत कराया तो उन्हों ने सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए थे कि वे अपात्रों के नाम आवास अवंटन सूची से हटवाकर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करें। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- आवास आवंटन प्रभारी पर है भ्रष्टाचार का आरोप
जनपद पंचायत कार्यालय में मेहगांव विस क्षेत्र के लिए आवास आवंटन प्रभारी के रूप में कार्यरत कुलदीप सिंह नरवरिया पर आरोप है कि उन्होंने न केवल अपने गांव के अपात्र लोगों से धनलाभ अर्जित कर उन्हें पीएम आवास योजना का गलत तरीके से लाभ पहुंचाया है।
परियोजना अधिकारी को जांच का जिम्मा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के उपरांत संबंधितों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जेके जैन, सीईओ जिला पंचायत भिण्ड