27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महिला की आंख से निकला 12 सेमी. लंबा ‘अफ्रीकन कीड़ा’, डॉक्टरों के उड़े होश, जानिए फिर क्या हुआ…..

भिण्ड। अफ्रीकन देशों में पाया जाने वाला आंखों का पर जीवी कृमि भिण्ड की एक महिला की आंख से निकला है। लोएसिस नामक यह कीड़ा परजीवी कृमि लोआ लोआ की वजह से उत्पन्न होता है। नेत्र सर्जन डॉ. मुकेश गर्ग ने शुक्रवार को ऑपरेशन करके कीड़ा निकाल दिया। लहार रोड पर समीर नगर निवासी 65 वर्षीय महिला महादेवी शर्मा की आंखों में लंबे समय से परेशानी थी।

2 min read
Google source verification

भिंड

image

Astha Awasthi

Sep 24, 2023

new_project.jpg

African Worm

उन्हें आंख में किसी के काटने जैसा दर्द, धुंधलापन व प्रकाश संवेदनशीलता का सामना करना पड़ रहा था। डॉक्टर को दिखाया तो जांच के बाद पता चला कि 12 सेमी. का अफ्रीकन कीड़ा है। चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य तौर पर इस कीड़े से संक्रमित कोई मक्खी जब काट लेती है या संक्रमित करती है तो यह शरीर में प्रवेश कर जाता है।

यह शरीर के कई हिस्सों में जा सकता है। सामान्य तौर पर आंख में पहुंचने पर आंख में दर्द, धुंधलापन, प्रकाश संवेदनशीलता, आंखों को इधर-उधर घुमाने में दिक्कत जैसे लक्षणों को पैदा करता है। डॉ. गर्ग का मानना है कि कई बार इससे आखों की रोशनी तक चली जाती है।

18 घंटे बाद जिंदा कीड़ा निकाला, डॉक्टर भी हैरान

बीते दिनों पहले भी शिवपुरी के पवा बसई गांव में रहने वाले एक तीन वर्षीय बालक की आंख में एक इल्ली टाइप कीड़ा जा घुसा तथा आंसू की नली के पास छेद कर दिया, जिससे आंख में से खून आने लगा। दर्द से तड़पते बच्चे को उसका पिता शिवपुरी के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चतुर्वेदी के पास लाया, जिसे डॉक्टर ने बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 18 घंटे तक वो कीड़ा आंख में जिंदा बना रहा और उसे जिंदा ही बाहर निकाला। ग्राम पवा बसई में रहने वाले वीरेंद्र आदिवासी के तीन वर्षीय बेटे कुलदीप की आंख में बीती रात सोते समय एक इल्ली टाइप कीड़ा घुस गया। इस कीड़े के पिछले हिस्से में ड्रिल करने वाले तंतु भी निकल रहे थे, जिसकी मदद से यह कीड़ा आंख की पलक से होकर अश्रु नली के पास पहुंच गया तथा उसने आंख के अंदरूनी हिस्से में छेद कर दिया, जिससे बच्चे की आंख में से खून आने लगा। परिजन पहले तो यह सोचते रहे कि किसी चींटी ने काट लिया है, लेकिन जब कीड़ा अंदर बिलबिला रहा था तो दर्द के मारे बच्चा बुरी तरह तड़प रहा था।

डॉ. गिरीश ने बताया कि बच्चे की आंख को जब देखा तो उसमें कीड़ा इतने घंटे बाद भी जिंदा देखकर मुझे भी फुरफुरी आ गई। डॉ चतुर्वेदी का कहना है कि मैने अपनी अभी तक की प्रेक्टिस में पहली बार ऐसा केस देखा। कीड़े को जिंदा निकालने के बाद बच्चे की आंख को साफ करके पट्टी बांध दी।