भिण्ड। कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े के बाद अटेर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का कलेक्टर इलैया राजा टी ने बाइक पर सवार होकर दौरा किया।
किसानों से चर्चा की तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। स्कूल परिसरों में पानी भरा होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से तीन दिनों का अवकाश घोषित करने के बीईओ-बीआरसी को निर्देश दिए।
दो दिन के बीच कोटा बैराज से पोने तीन लाख क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया है। पानी का प्रेसर होने के कारण चंबल के तटवर्ती एक दर्जन से अधिक गंाव पानी से घिर गए हैं। 1500 हैक्टेयर फसल पानी में डूबकर तबाह हो चुकी है।
कलेक्टर सबसे पहले अटेर पहुंचे जायजा लेेने के बाद काफिला नावली वृंदावन की ओर मुड़ गया। दद्दा का कुंआ के बाद नहर कीचड़ होने के कारण कलेक्टर ने अपनी गाड़ी वहीं खड़ी कर दी। इसके बाद वे पटवारी कमलेश गोले की बाइक पर सवार होकर नावली वृंदावन पहुंचे। किसानों ने फ सल बीमा न किए जाने की शिकायत की।
कलेक्टर ने रबी का बीमा प्राथमिकता से कराने का आश्वासन दिया।मार्ग पर बनी पुलिया को ऊंचा कराने का आश्वासन दिया है।कलेक्टर ने अमले से बाढ़ प्रभावित गांवों में दवाओं, खाद्यान्न आदि की उपलब्धता पर भी चर्चा की।कलेक्टर ने मुकुटपुरा गंाव पहुंचकर किसानों से चर्चा की तथा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
दौरे के दौरान एसपी नवनीत भसीन एसडीएम उमेश शुक्ला, सीएमएचओ डा.राकेश शुक्ला, एसडीओपी दिनेश वैश, बीएमओ डा. जेएस राजपूत, तहसीलदार एके शर्मा आदि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
अब तक 530 एमएम वर्षा
जिले में अभी तक 530 एमएम वर्षा हो चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 384.7 एमएम वर्षा हुई थी। भिण्ड में 467, अटेर में 507, मेहगंाव5 91.9, गोहद में 477, लहार 546, रौन 604.1 एमएम वर्षा रिकॉर्ड हो चुकी है।