28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘घर खाली करो, नहीं तो…’, दलितों को ब्राह्मण समाज की चेतावनी, 70 परिवार पलायन को मजबूर

Dalit families: मध्य प्रदेश के भिंड के एक गांव में गुमशुदगी से शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक तनाव में बदल गया है। यहां ब्राह्मण समाज की एक किशोरी का अपहरण कर लिया गया। ब्राह्मणों ने इसके लिए दलित समुदाय के एक युवक को जिम्मेदार ठहराया।

2 min read
Google source verification

भिंड

image

Akash Dewani

Apr 16, 2025

Dalit families were forced to leave their homes after Brahmins community warning in bhind mp

Dalit families: भिंड के ऊमरी थाना क्षेत्र के पुरानी गढ़िया गांव में तीन दिन पहले लापता हुई ब्राह्मण समाज की नाबालिग किशोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। किशोरी के अपहरण का आरोप दलित समाज के युवक रूपेश पुत्र वीरेंद्र जाटव पर लगा है। इसके बाद से गांव में ऐसा तनाव फैला कि जाटव समाज के करीब 70 परिवार अपना घर-द्वार छोड़कर गांव से पलायन करने पर मजबूर हो गए है।

धमकियों से टूटा हौसला

किशोरी के परिजन और रिश्तेदारों ने गांव के दलित समाज के लोगों को खुलेआम धमकियां दीं कि 'हमारे रिश्तेदार आ रहे हैं, घर खाली कर दो, नहीं तो अंजाम भुगतने को तैयार रहो।'इस चेतावनी के बाद जाटव समाज के परिवारों ने लोडिंग वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीसीएम में अपना सामान भरकर गांव छोड़ दिया। घटना ने तब और तूल पकड़ा जब लड़की के पक्ष के लोगों ने गांव के ही युवक के साथ मारपीट की। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन एफआईआर से ब्राह्मण समाज भड़क उठा और थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।

यह भी पढ़े - शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो पति बना हैवान, पत्नी पर किया कुल्हाड़ी से हमला

राजनीतिक हलचल तेज

इस तनावपूर्ण माहौल का असर सामाजिक आयोजनों पर भी पड़ा। दलित समाज के रामकेश बरसेना के बेटे गोलू की बुधवार को लगन और फलदान का कार्यक्रम था, लेकिन पलायन और डर के चलते कार्यक्रम रिश्तेदारों के यहां स्थानांतरित करना पड़ा। मामला तूल पकड़ते ही बहुजन समाज के नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर दलित समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं पुलिस किशोरी की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

एक किशोरी की गुमशुदगी से शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक तनाव और सामूहिक पलायन में तब्दील हो चुका है। गांव में सन्नाटा पसरा है और लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Story Loader