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पहले बेटी खोई अब खाने के लाले

पानीपूरी का ठेला लगाकर कर रहा परिवार का भरण पोषण, बीमार, बेटे के इलाज के लिए सास लेकर आईं थीं अपनी बचत के 10 हजार रुपए भी जले

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भिंड

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Rajeev Goswami

Jun 10, 2019

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पहले बेटी खोई अब खाने के लाले

भिण्ड. रविवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे अटेर विकासखण्ड के पावई थाना अंतर्गत ग्राम बगुलरी मेंं आगजनी में मनीष कुशवाह पुत्र रामरूप कुशवाह अपनी चार साल की मासूम बेटी राधा को गंवा देने के साथ-साथ अब दाने-दाने को मोहताज हो गया हैं। मनीष कुशवाह पूर्व से ही गरीबी से जूझ रहे थे। ऊपर से आगजनी के हादसे ने उन्हें परिवार सहित पूरी तरह से सडक़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। वहीं इस आगजनी में हुए नुकसान से तीन अन्य किसानों के समक्ष भी खाने-पीने का संकट उत्पन्न हो गया है।

पानी पूरी का ठेला लगाने वाला मनीष कुशवाह अपने चार वर्षीय बेटे कबीर के बीमार होने की वजह से घर पर था। बेटे के इलाज में आर्थिक मदद देने के लिए उसकी सास जावित्री देवी (58) अपने गृहगांव चरथर से दो दिन पूर्व ही 10 हजार रुपए लेकर पहुंची थीं। उन्हें क्या पता था कि उनकी पाई-पाई कर जोड़ी गई 10 हजार रुपए की रकम आग में स्वाह हो जाएगी। मनीष जैसे-तैसे मजदूरी कर अपने परिवार पाल रहे हैं। लेकिन रविवार को हुई इस आगजनी में उसकी चार माह की बेटी राधा की मौत हो जाने के अलावा कपड़े, बाइक, गल्ला, थैले में रखे सास जावित्री के 10 हजार रुपए व अन्य गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया है। आलम ये है कि ओढऩे बिछाने तक को कुछ नहीं बचा है।

इन तीन कृषकों के घर, गल्ला और गृहस्थी का सामान खाक

भीषण हुई आग में मनीष कुशवाह के घर के पास ही स्थित कृषक रामबहादुर सिंह पुत्र रामलाल कुशवाह, शिरोमणि कुशवाह पुत्र नारायण सिंह एवं गंगाराम सिंह पुत्र बाबूराम कुशवाह के घरों के अलावा गल्ला तथा गृहस्थी का सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया है। अग्निपीडि़त सभी परिवार के सदस्यों के पास पहनने, ओढऩे तथा खाने के कुछ नहीं बचा है। लिहाजा जो कपड़े पहनकर जान बचाते हुए घरों से बाहर निकले थे वही कपड़े पहने हुए रह गए हैं।

दमकल को पहुंचने में हुई मुश्किल

बगुलरी गांव क्वारी नदी के बीहड़ में बसा है। जहां गांव के लिए पक्का पहुंच मार्ग नहीं हैं। पावई मार्ग से गांव के लिए भी रास्ता नहीं है। ऐसे में दमकल को 20 किमी का चक्कर लगाते हुए गोरमी क्षेत्र के रास्ते गांव तक लाया गया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

&राजस्व अधिकारियों को मौका मुआयना करने के लिए रवाना किया गया है। उन्हें विस्थापित कराने के साथ-साथ पीडि़त परिवारों को शासन की ओर से मुआवजा राशि दिलाने की कार्यवाही की जाएगी।

छोटे सिंह, कलेक्टर भिण्ड