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नि:शुल्क प्रशिक्षण से बन रहे हार्वेस्टर व ट्रैक्टर मेकेनिक

हुनर हासिल कर 200 से ज्यादा युवाओं ने शुरू किया खुद का स्टार्टअप, 50 से अधिक प्रशिक्षित युवाओं को बड़ी कंपनियों में मिली जॉब
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भिंड

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Abdul Sharif

•

Updated: 20 May 2023, 10:39 PM IST

नि:शुल्क प्रशिक्षण से बन रहे हार्वेस्टर व ट्रैक्टर मेकेनिक

नि:शुल्क प्रशिक्षण से बन रहे हार्वेस्टर व ट्रैक्टर मेकेनिक

ग्वालियर. शहर के रेडक्रॉस रोड किनारे संभागीय कृषि यंत्री कार्यालय परिसर में संचालित प्रशिक्षण केंद्र में हार्वेस्टर व ट्रैक्टर की खराबी सुधारने का प्रशिक्षण लेकर जहां 200 युवाओं ने स्वयं का स्टार्टअप कर लिया है। वहीं 50 से अधिक युवाओं को ट्रैक्टर व हार्वेस्टर की बड़ी कंपनियों ने अपने संस्थान में जॉब पर ले लिया है।
बतादें कि संभागीय कृषि यंत्री परिसर में संचालित कौशल प्रशिक्षण केंद्र में दो माह का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। शासन स्तर पर प्रशिक्षण की शुरूआत वर्ष 2018 से की गई है। वर्ष 2022 तक 18 से 35 वर्ष के 12वीं पास बेरोजगार 350 युवाओं को हुनर दिया गया है।
- जिन्होंने खुद का गैरेज खोला वे कमा रहे 40 से 50 हजार रुपए महीने
ग्वालियर शहर के अलावा जिले के अन्य कस्बाई इलाकों में जिन प्रशिक्षित युवाओं ने नौकरी करने के बजाए स्वयं के गैरेज संचालित किए हैं वे 40 से 50 हजार रुपए महीने की औसत से आय अर्जित कर रहे हैं। शहर में गोला का मंदिर के पास भिण्ड रोड पर गैरेज संचालित कर रहे जावेद खान बताते हैं कि उन्होंने प्रशिक्षण लेने के बाद खुद की दुकान संचालन करना बेहतर समझा। वहीं डबरा निवासी प्रमोद कुमार का कहना है कि वे अपने निजी गैरेज से सालाना छह से सात लाख रुपए कमा रहे हैं।
:= सतत रूप से दिया जा रहा नि:शुल्क प्रशिक्षण
संभागीय कृषि यंत्री कार्यालय परिसर में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र में 18 से 35 वर्ष आयु के 12वीं पास युवाओं को सतत रूप से नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के नतीजे अच्छे आ रहे हैं।
जीसी मसकोले, संभागीय कृषि यंत्री ग्वालियर
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