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सरपंच बोला- ‘मुकदमा दर्ज करा दो, भैंस वापस नहीं करूंगा’, एसपी को भेजनी पड़ी फोर्स

नदी की बाढ़ में बह गई थी भैंस को पकड़कर भैंस मालिक से मांग रहे थे पनहाई..80 हजार से ज्यादा है भैंस की कीमत..

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भिंड. भिंड जिले में बीते दिनों सिंध नदी की बाढ़ में बही एक भैंस को छुड़ाने के लिए एसपी को फोर्स भेजनी पड़ी। इस भैंस को एक सरपंच व गांव के कुछ युवकों ने बाढ़ से बचाकर पकड़कर बांध लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए भैंस को बाढ़ से बचाने के वीडियो के जरिए जब भैंस मालिक तक इस बात की जानकारी लगी तो वो अपनी भैंस वापस मांगने पहुंचा लेकिन सरपंच ने साफ इंकार करते हुए कहा कि पनहाई मांगी। इतना ही नहीं जब असली मालिक ने एसपी से शिकायत की और एसपी ने सरपंच को फोन किया तो सरपंच ने एसपी से भी ये कह दिया कि चाहो तो मुकदमा दर्ज करा दो लेकिन भैंस वापस नहीं करूंगा।


सिंध नदी की बाढ़ में बह गई थी भैंस
बीते दिनों सिंध नदी में आई बाढ़ ने भिंड के भरौली कलां गांव में तबाही मचाई थी। बाढ़ में लोगों की घर गृहस्थी के साथ ही मकान व मवेशी भी बह गए थे किसी तरह लोगों ने अपनी जान बचाई थी। इसी दौरान गांव में रहने वाले राहुल सिंह राजावत की भैंस भी पानी में बह गई थी। जो कि मेंहदा घाट पुल के पास बीहड़ के टीले पर जाकर फंस गई थी। बहादुरपुरा के सरपंच व बिछौली गांव के रहने वाले कुछ युवकों की नजर भैंस पर पड़ी तो सरंपच ने युवकों से भैंस को पकड़ने के लिए कहा। दो युवक भैंस को पकड़कर किनारे ले आए। इसी दौरान किसी ने भैंस को बाढ़ के पानी से बचाते वक्त युवकों का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ये वीडियो जब भैंस के मालिक राहुल सिंह राजावत के पास पहुंचा तो उन्होंने अपनी भैंस को पहचान लिया।

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भैंस के बदले मांगी 35 हजार रुपए पनहाई
भैंस मालिक राहुल सिंह ने बताया कि वो जब अपनी भैंस को लेने के लिए बिछौली गांव पहुंचा तो देखा कि वहां बाढ़ में बहकर आई आधा दर्जन से ज्यादा भैंसे बंधी हुई थीं। राहुल सिंह ने भैंस को पकड़ने वाले दोनों युवकों जिनके कि नाम राजवीर व राजेन्द्र बताए गए हैं भैंस वापस देने के लिए कहा तो दोनों ने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद वो भारौली थाने पहुंचे और टीआई को पूरी बात बताई। टीआई ने एक एसआई को भेजकर भैंस वापस दिलाने के लिए कहा, लेकिन एसआई के साथ राहुल भैंस लेने गांव पहुंचे तो गांव में भैंस नहीं मिली। बाद में भैंस के बदले उनसे 50 हजार रुपए पनहाई की मांग की गई। भैंस मालिक गांव के कुछ बुजुर्गों को लेकर फिर से बिछौली गांव पहुंचा और पंचायत बुलाई जिसमें 35 हजार रुपए पनहाई देकर भैंस को वापस देने की बात तय की गई। अपनी ही भैंस के बदले पैसे देना राहुल सिंह को मंजूर नहीं था लिहाजा वो एसपी के पास शिकायत लेकर पहुंचे और पूरी घटना बताई।

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एसपी ने भैंस को छुड़वाने भेजी फोर्स
एसपी ने सरपंच को फोन कर भैंस को छोड़ने के लिए कहा तो पहले तो सरपंच विक्रम सिंह मामले से अंजान बनने लगा लेकिन जब एसपी ने मुकदमा दर्ज कराने की बात कही तो सरपंच ने दबंगई दिखाते हुए कहा कि मुकदमा दर्ज कराना है तो करा दो लेकिन भैंस वापस नहीं करूंगा। सरपंच के इस जवाब के बाद एसपी ने रौना थाना प्रभारी को निर्देश दिए जिसके बाद रौन थाना प्रभारी दल बल के साथ बिछौली गांव पहुंचे और सरपंच को पकड़कर थाने चलने के लिए तब कहीं जाकर राहुल सिंह राजावत को उनकी भैंस वापस मिल पाई।

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