
Gwalior-Bhind Six Lane Highway: ग्वालियर-भिंड नेशनल हाइवे के लिए शहर के खंडा रोड पर चल रहे संतों के आंदोलन में शुक्रवार को नवीन एवं नवकरणी ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और गोहद विधायक केशव देसाई पहुंचे। मंत्री शुक्ला ने भूख हड़ताल कर रहे सभी नौ संतों को नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म करा दिया। मंत्री के साथ कलेक्टर और दंदरौआ धाम के महंत रामदास ने अखंड आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। इस पर अखिल भारतीय संत समाज के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने कहा है कि शनिवार को जिले के सभी विधायक और सांसद आएं, तब पूर्ण आहुति के बाद निर्णय लेंगे।
अनशन समाप्त करने पर कुछ संत और समाजसेवी भड़क गए। अंगारों के बीच धूनी रमाने वाले पायलेट बाबा ने कहा अनशन से पूरी सरकार हिल गई है। आंदोलन किसके कहने पर समाप्त किया है। संतों ने कहा कि दंदरौआ महाराज ने आदेश दिया है, इस पर पायलेट बाबा ने नाराजगी व्यक्त की। शाम को आंदोलन स्थल पर सभी संत, पूर्व सैनिक और समाजसेवियों ने बैठक में निर्णय लिया कि गर्मी में भूख हड़ताल पर बैठे संतों की तबीयत बिगड़ रही है। चार दिन में पांच साधू अस्पताल में भर्ती हुए हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त किया गया।
गोहद विधायक केशव देसाई ने कहा हाइवे पर एक ही परिवार के सात-सात लोगों की जान गई है। मरने वाले किसी एक जाति या धर्म के नहीं हैं। नेशनल हाइवे आज मौत का हाइवे बन चुका है। किसी भी दल का व्यक्ति हो, सभी को आगे आकर हाइवे की मांग में अपना सहयोग देना चाहिए। विधायक ने कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला से कहा कि हमारी सरकार नहीं है, सरकार आपकी है, इसलिए बताएं कि कब तक हाइवे बनेगा।
कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने संतों से कहा हाइवे को लेकर सांसद से लेकर राज्य और केंद्र सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि स को लेकर लोग कहते हैं, लेकिन उन्हें जिस जगह बोलना चाहिए, वहां वे अपनी बात रख रही हैं। मंत्री ने कहा आप यह घोषणा मानिए। सिक्सलेन की बात नहीं कर रहा हूं। सिक्सलेन के लिए करीब 40 हजार वाहन निकलने चाहिए, जबकि वर्तमान में 20 हजार तक वाहन निकल रहे हैं। मंत्री शुक्ला ने फोरलेन हाइवे बनाने का संतों का आश्वासन दिया। मंत्री के समक्ष कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने एमपीआरडीसी का एक पत्र भी संतों को दिया। जिसमें जिक्र किया गया कि हाइवे का अलाइनमेंट मिनिस्ट्री के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। स्वीकृति के लिए तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। डीपीआर स्वीकृत होते ही भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरु किया जाएगा।
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि अनशन पर बैठे दिगंबर अखाड़ा के संत हरिशंकर दास और नरसिंग दास की चौथे दिन तबीयत बिगड़ गई। दोनों ही संतों को मेडिकल टीम ने जांच के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। आंदोलन में अनशन कर रहे दो अन्य संतों की हालत भी बिगड़ रही थी, जिसे देखते हुए संतों ने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है। संतों के आशीर्वाद से हम चल रहे हैं। उनसे धरना समाप्त करने का आह्वान किया है। हाइवे और गो अभयारण्य के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।
Updated on:
07 Oct 2025 01:45 pm
Published on:
19 Apr 2025 12:51 pm

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