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आफत की बारिश से बेटी की शादी की तैयारी तबाह, गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद

- आफत की बारिश में फसलें बर्बाद- अटेर विधानसभा के आधा दर्जन गांव प्रभावित- ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों को पहुंचाया नुकसान- किसान बोला- बेटी की शादी की तैयारी तबाह

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आफत की बारिश से बेटी की शादी की तैयारी तबाह, गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद

मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की तैयार फसलों को भारीनुकसान पहुंचा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह भिंड में जारी आफत की बारिश ने अटेर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले आधा दर्जन गांवों की खड़ी फसलें ओलावृष्टि में पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। बता दें कि, गांव में 300 बीघा सरसों और 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल बोई गई थीं। हालही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि में करीब 70 से 80 फीसदी फसलें नष्ट हो चुकी हैं।

ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने का नुकसान झेलने वाले पीड़ित किसानों की मानें तो सरसों की खड़ी फसल में तो नुकसान है ही, काटने के बाद खेत में पड़ी फसलों की भी फलियां चटकने से दाना गीले खेतों में बिखर गया है। जो आने वाले दिनों में किसानों के लिए और भी बड़ी चुनौती बन जाएगा।

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1 हजार बीघा फसल बर्बाद

10 बीघा में बर्बाद हुई गेहूं की फसल के बाद दुखी किसान अवधेश सिंह भदौरिया का कहना है कि, अब बेटी की शादी करना मुश्किल होगा। एक मई को बेटी की शादी तय है और 25 अप्रेल को लगुन-फलदान का कार्यक्रम होना है। समझ में नहीं आ रहा कैसे व्यवस्थाएं करेंगे। ओलावृष्टि के दूसरे दिन तक भी प्रशासन का कोई नुमाइंदा किसानों की दुर्दशा देखने नहीं आया। आसपास के गांव गढ़ा, चांसड़, उधन्नपुरा और तोरकापुरा में कुल करीब 1 हजार बीघा फसल बर्बाद हुई हैं।

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पिछली बार भी हुआ था नुकसान, कई किसानों को नहीं मिला था मुआवजा- किसान

हालांकि उप संचालक कृषि आरएस शर्मा ने मौका मुआयना करने के बाद सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रौन और अटेर विकासखंड के करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हैं। किसान जगन्नाथ सिंह भदौरिया, रमेश सिंह भदौरिया, सुनावीर सिंह, लाल सिंह, नरेंद्र सिंह ने बताया कि, पिछले साल भी ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ था और कई किसानों को मुआवजा नहीं मिला था, इस बार भी गेहूं और सरसों की फसल चौपट हो गई है।