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पंडित मिश्रा की कथा में उमड़े तीन लाख भक्त, सड़कें जाम

दंदरौआ धाम में चल रही शिव महापुराण की कथा सुनने लोगों का मेला सा लग रहा है। यहां पंडित प्रदीप मिश्रा कथा सुना रहे हैं। शनिवार को तो दंदरौआ धाम में जनसैलाब उमड़ा पड़ा। कथा के अंतिम दिन यहां करीब 3 लाख लोग आए। आखिरी दिन कथा सुबह 9 बजे से शुरु हो गई थी।

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भिंड

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deepak deewan

Dec 02, 2023

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शिव महापुराण की कथा सुनने लोगों का मेला

भिण्ड-गुतौर. दंदरौआ धाम में चल रही शिव महापुराण की कथा सुनने लोगों का मेला सा लग रहा है। यहां पंडित प्रदीप मिश्रा कथा सुना रहे हैं। शनिवार को तो दंदरौआ धाम में जनसैलाब उमड़ा पड़ा। कथा के अंतिम दिन यहां करीब 3 लाख लोग आए। आखिरी दिन कथा सुबह 9 बजे से शुरु हो गई थी।

पंडित मिश्रा की कथा सुनने के लिए लोगों में ऐसी ललक थी कि बाहर से आए हजारों श्रोताओं ने टेंट में ही रात गुजारी। शुक्रवार की रात भी श्रोता पंडित प्रदीप मिश्रा से शिव महिमा सुनने पंडाल में डटे रहे। शनिवार को सुबह 9 बजे से कथा प्रारंभ हुई। उनकी कथा सुनने आ रहे लाखों लोगों के कारण कई रास्ते जाम हो गए। पंडाल तो रात में ही खचाखच भर चुके थे।

इससे पहले पं. प्रदीप मिश्रा ने चौथे दिन की कथा में कहा संत को कभी साधारण नहीं समझना चाहिए। स्त्री, संत और भगवान का अनादर करने वाले मनुष्य घेर पाप के भागी होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति प्राप्त करने के लिए सती जैसा त्याग होना चाहिए। हमारे शास्त्र कहते हैं कि स्त्री पर हाथ न उठाएं, स्त्री को गाली नहीं देनी चाहिए, किसी संत को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए, जो हमारी दृष्टि है कि हम संत को छोटा- बड़ा समझते हैं।

उन्होंने कहा कि संत, साधु, ब्राह्मण, अग्नि को साधारण नहीं समझना चाहिए क्योंकि अग्नि की एक चिंगारी ही सभी सामग्री को भस्म करने में सक्षम है। आपके यहां कोई गरीब काम करने वाली स्त्री आती है तो वह अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं, किंतु एक अमीर घर की स्त्री मांग भरने में संकोच करती हैं। जब गरीब स्त्री से आप पूछेंगे कि मांग में सिंदूर क्यों भरती हो तो वह कहती हैं कि मेरा पति भी मेरे साथ काम करता है। आपका विश्वास और भरोसा ही सनातन धर्म को मजबूत करता है।

शिव और शक्ति एक साथ
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा में बताया महादेव के लिए शंभू शब्द आता है। शंभू का अर्थ स्वयं भू है, शिव और शक्ति एक साथ रहते हैं। हनुमान जी का जो सिर है वह शिव है और पूंछ है वह शक्ति है। माता के पल्लू, नारी की चोटी और हनुमान की पूंछ में मां दुर्गा समाहित रहती हैं।

शिव पर जल चढ़ाकर संकट दूर करें
शास्त्र कहता है कि 24 घंटे भगवान का भजन करना चाहिए, लेकिन मनुष्य को जितना समय मिले उसे भजन में लगाना चाहिए। भगवान शिव की कृपालु करुणा सागर हैं। हमारे घर में जो टेंशन रहती है, जो समस्या रहती है उसकी तरंगें हमारे घर के जल में मिलती है। अगर आप भगवान भोलेनाथ को अपने घर का जल चढ़ाएंगे तो आप के घर की समस्याओं को हल शंकर भगवान करेंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो शंकर का भक्त होता है वह किसी के गाली देने पर भी कभी जवाब नहीं देता है। शंकर की आराधना करने वाला, शंकर की उपासना करने वाला शिव भक्त कभी जवाब नहीं देता उसका जवाब स्वयं भगवान शंकर देते हैं।

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