भिवाड़ी. अटल मिशन फॉर रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) चरण द्वितीय में दो सौ करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट का काम शुरू हो चुका है। कार्यदायी एजेंसी ने 10 प्रतिशत कम दर पर काम लिया और नंगलिया मिलकपुर गांव में सीवर लाइन बिछाई जाने लगी है लेकिन प्रोजेक्ट में दो रोड़े आ रहे हैं। 34 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के अनुसार टेंडर हुआ था, उसकी जगह छोटे एसटीपी का मामला भी शासन स्तर पर लंबित हैं, इसके साथ ही अब वसुंधरा नगर में बीडा की जिस जमीन पर एसटीपी का निर्माण होना था, उसे नगर परिषद खरीदेगी या बीडा निशुल्क देगी, इसको लेकर मामला शासन स्तर पर चल रहा है। रुडसिको ने डीपीआर तैयार कराने के बाद टेंडर तो कर दिया लेकिन बीडा से जमीन आवंटन नहीं कराया। जब टेंडर के बाद बीडा से जमीन की मांग रखी गई तो बीडा ने नगर परिषद को 17 हजार वर्गगज भूमि के लिए, 34293 रुपए प्रति वर्ग गज और दो प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क के 59.62 करोड़ जमा कराने की मांग रख दी। बीडा द्वारा जमीन आवंटन के बदले इतनी भारी भरकम राशि की मांग रखने से प्रोजेक्ट को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की गई तैयारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमृत के दूसरे चरण में 2053 की आबादी को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की गई थी। 56 किमी सीवर लाइन और 34 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्मित होना था।