
गर्मियों में खूब पीया ठंडा, टैक्स से भरा खजाना
भिवाड़ी. राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) भिवाड़ी संभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के छमाही आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार इस बार गर्मी में शीतल खाद्य तरल पेय पदार्थ की जमकर खपत हुई है, इसकी वजह से इस सेक्टर से मिलने वाले राजस्व में 455 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है, वहीं अकार्बनिक रसायन सेक्टर में 43 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। कुछ सेक्टर में तेजी और कुछ में निराशा हाथ लगने के बावजूद छमाही आंकड़े बेहतर रहे हैं और एसजीएसटी में करीब पांच फीसदी और वैट में साढ़े सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तरल पदार्थ सेक्टर से भिवाड़ी संभाग को गत वर्ष 4.92 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें इस बार 455 फीसदी की वृद्धि हुई और 27 करोड़ टैक्स प्राप्त हुआ। फर्नीचर सेक्टर में 36 फीसदी वृद्धि से 15 से बढक़र 20 करोड़, निर्माण सेक्टर में 30 फीसदी की वृद्धि से 23 से बढक़र 30 करोड़, एल्युमिनियम सेक्टर में 21 फीसदी की वृद्धि से 37 से बढक़र 45 करोड़ कर प्राप्त हुआ। गत वर्ष अप्रेल से सितंबर छमाही में 629 करोड़ एसजीएसटी प्राप्त हुआ, चालू वित्तीय वर्ष में 659 करोड़ प्राप्त हुआ। गत वर्ष छमाही में 563 करोड़ वैट प्राप्त हुआ, चालू वित्तीय वर्ष में 605 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ।
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इन सेक्टर में रही निराशा
भिवाड़ी संभाग में 40 फीसदी राजस्व ऑटोमोबाइल सेक्टर से प्राप्त होता है। यहां पर कई बड़ी कंपनियों के वाहन का निर्माण होता है। इसके साथ ही उनके पुर्जे निर्माण के कारखाने हैं। इस सेक्टर में भिवाड़ी जोन में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी है। इसके साथ ही अकार्बनिक रसायन सेक्टर में 43 प्रतिशत की गिरावट होने से 15 करोड़ से घटकर 8.78 करोड़, इलेक्ट्रिकल मशीनरी सेक्टर में 16 फीसदी गिरावट होने से 35 से घटकर 29 करोड़, आयरन स्टील सेक्टर में 32 फीसदी गिरावट होने से 130 करोड़ से घटकर 89 करोड़, मशीनरी एयरकंडीशनर सेक्टर में 20 फीसदी गिरावट होने से 130 करोड़ से घटकर 104 करोड़ ही राजस्व प्राप्त हुआ।
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आयरन स्टील के लिए स्थिति विपरीत
आंकड़ों के हिसाब से सबसे अधिक गिरावट अकार्बनिक रसायन वाले सेक्टर में रही है, लेकिन राजस्व की दृष्टि से आयरन स्टील सेक्टर ने सबसे अधिक निराश किया है। इस सेक्टर के लिए भिवाड़ी सहित प्रदेश में स्थिति अनुकूल नहीं है। उक्त सेक्टर में बिजली की खपत कच्चे माल की तरह होती है, इससे यहां लागत बढ़ जाती है। एनसीआर और आसपास के अन्य राज्यों में माल एवं बिजली की दर सस्ती है, इससे यहां के कई प्लांट बंद होने के साथ दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक साल में पांच फर्नेस इकाइयों ने कनेक्शन कटवाए हैं।
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सभी सेक्टर से मिलने वाले राजस्व की आंकड़ों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इस बार तरल पेय पदार्थ में अच्छी वृद्धि एवं अकार्बनिक रसायन, स्टील आयरन में गिरावट आई है।
रामप्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन, एसजीएसटी भिवाड़ी संभाग
Published on:
28 Oct 2023 06:29 pm
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