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खुशखेड़ा में जलभराव दूर करने एडिबल इकाई पहुंची हाईकोर्ट

क्षेत्र में लंबे समय से समस्या, रीको ने नहीं किया समाधान नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में आने से निवेशक भी डर रहे

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भिवाड़ी. उद्योग क्षेत्र में जलभराव से समस्याएं निकल रही हैं। अलवर बायपास पर जलभराव का स्थायी समाधान नहीं मिला है। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कुंदन एडिबल ऑयल ने जलभराव से परेशान होकर हाईकोर्ट में मामला पहुंचा दिया है। उक्त इकाई के चारों तरफ भिवाड़ी से पंप कर भेजा गया पानी भरा हुआ है। मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में चल रही है, इसका जबाव जल्द ही रीको द्वितीय यूनिट को पेश करना है। जलभराव के समाधान को लेकर रीको के अधिकारी भी असमंजस में हैं। हाईकोर्ट पहुंचने वाली इकाई के चारों तरफ मिट्टी डालकर पानी को रोकना चाहते हैं, जिससे कि न्यायालय में उचित जबाव दिया जा सके। मामला कोर्ट में पहुंचा है, इसके अलावा भी खुशखेड़ा में भरा यह पानी रीको के नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों को आने से रोक रहा है।

उद्योग क्षेत्र भिवाड़ी से निकला काला पानी नव विकसित उद्योग क्षेत्र सलारपुर खुशखेड़ा में निवेशकों को हतोत्साहित कर रहा है। फरवरी-मार्च में विदेशी निवेशक रीको अधिकारियों के साथ मौका देखने सलारपुर पहुंचे लेकिन वे काला बदबूदार प्रदूषित पानी देखकर लौट गए। एक उद्यमी ने तो यह तक कह दिया कि इस काले पानी के आसपास तो मुझे सस्ती दरों पर भी भूखंड नहीं चाहिए। इस तरह भिवाड़ी से निकला काला पानी नव विकसित उद्योग क्षेत्र के विकास में अड़ंगा लगा रहा है।

इस तरह बढ़ रही समस्या

भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र से निकले पानी को सीईटीपी से लिफ्टिंग कर खुशखेड़ा में छोड़ा जाता था। अब भिवाड़ी में 140 करोड़ का जेडएलडी प्लांट लग चुका है। स्वच्छ पानी को फैक्ट्रियों को दोबारा उपयोग में देने की तैयारी है लेकिन इस दौरान धारूहेड़ा तिराहे पर हरियाणा ने प्राकृतिक बहाव रोक दिया है। इसलिए लिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है जिससे कि भिवाड़ी में पानी को भरने से रोका जा सके। जलभराव रोकने की प्रक्रिया नव विकसित क्षेत्र सलारपुर के लिए फिलहाल परेशानी का कारण बनी हुई है। अब उक्त फैक्ट्री के कोर्ट में पहुंच जाने से रीको अधिकारियों को भी जबाव देना मुश्किल हो रहा है।

निवेशक हटे पीछे

बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने से पीछे हट रही हैं। कुछ समय पहले जब बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि निवेश करने से पहले क्षेत्र में मौका देखने पहुंचे तो यह घटनाक्रम सामने आया। रीको अधिकारी भी उन्हें काले पानी के निस्तारण होने और कुछ दिन में पानी सूख जाने की दलील देते रहे लेकिन उन्होंने यहां निवेश करने से साफ मना कर दिया।

दूर से आती है बदबू

खुशखेड़ा और सलारपुर के बीच में बूढ़ी बावल मार्ग के पास दर्जनों बीघा भूमि पर काला बदबूदार प्रदूषित पानी भरा हुआ है। बंद पड़ी फैक्ट्री परिसर भी इस पानी से डूबा हुआ है। मुख्य मार्ग के ऊपर भी गंदे पानी का नाला बहता रहता है। दूर से ही काला पानी दिखाई देता है और बदबू आती है।

भिवाड़ी से ही निकलेगा समाधान

जानकारों की मानें तो जब तक भिवाड़ी के जल निस्तारण का समाधान नहीं होगा, तब तक खुशखेड़ा सलारपुर में भी जलभराव बना रहेगा, क्योंकि भिवाड़ी में जलभराव होने पर लिफ्टिंग ही विकल्प होता है। अभी सलारपुर में उद्योग कम होने से खाली जमीन भी हैं जिससे उस पर काफी मात्रा में पानी को एकत्रित किया जा सकता है।

इंवेस्ट समिट में खोला
सलारपुर को प्रदेश सरकार ने इवेंस्ट समिट नवंबर 2022 में निवेश के लिए खोला था।

आधुनिक तरीके से यहां क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। इसलिए शुरुआत में निवेशकों ने खूब रुचि दिखाई, जमीन के भाव भी तीन साल में पांच सौ फीसदी तक वृद्धि हुई है लेकिन मौके पर पहुंचने वाले निवेशक काला पानी देखकर घबरा जाते हैं।

हाईकोर्ट में जबाव दिया जाएगा, उक्त कंपनी के चारों तरफ मिट्टी डालकर पानी को परिसर में घुसने से रोका जाएगा। इस संबंध में प्रशासन से भी बात करेंगे कि खुशखेड़ा पानी नहीं डाला जाए।
आदित्य शर्मा, यूनिट हेड, रीको