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प्रदेश में बिजली की कमी, भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ी खपत

लोड शेडिंग की अवधि में कम भार वाली मशीनों से काम किया

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प्रदेश में बिजली की कमी, भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ी खपत

प्रदेश में बिजली की कमी, भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ी खपत



भिवाड़ी. प्रदेश में बिजली संकट है। बिजली का कम उत्पादन और अधिक खपत होने से कटौती के साथ लोड शेडिंग हो रही है। लेकिन भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लोड शेडिंग के बावजूद प्रति महीने होने वाली खपत में कमी नहीं आई है। औद्योगिक इकाइयों ने लोड शेडिंग की अवधि में कम भार वाली मशीनों से काम किया और सामान्य समय में क्षमता अनुसार उत्पादन कर प्लांट को चालू रखा। जिससे बिजली की खपत बढ़ गई।
24 अगस्त से इकाइयों को सप्ताह में दो दिन लोड शेडिंग झेलनी पड़ रही है। इससे पूर्व सप्ताह में एक दिन थी। शुक्रवार शनिवार को भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में शाम को सात से सुबह पांच बजे तक लोड शेडिंग है। वहीं खुशखेड़ा, कारोली, सलारपुर, चौपानकी, कहरानी, पथरेड़ी, सारेखुर्द में सोमवार मंगलवार को शाम सात से सुबह पांच बजे तक लोड शेडिंग है। लोड शेडिंग वाली अवधि में नियमित उत्पादन और कैप्टिव पावर प्लांट जुलाई में उपयोग की गई अधिकतम बिजली का 50 प्रतिशत भार ले सकते हैं। वहीं अन्य इकाई इस अवधि में सिर्फ पांच फीसदी ही बिजली उपयोग कर सकती हैं। क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के बिजली उपभोग पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की खपत पूर्व की भांति चल रही है। इसमें कोई बड़ा अंतर नहीं आया है।
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सर्दियों में भी किया लोड प्रबंधन
विद्युत निगम ने गत सर्दी के मौसम में भी लोड शेडिंग की। तब 125 केवीए से अधिक की इकाइयों को शाम पांच से आठ बजे के बीच पहले तो स्वीकृत भार का 50 प्रतिशत उपभोग करने की अनुमति दी गई। बाद में नौ से 14 जनवरी तक इसी अवधि में 25 प्रतिशत उपभोग की छूट दी गई। शेष 21 घंटे में पूरी बिजली दी गई। तब भी उद्यमियों ने पूरी बिजली नहीं मिलने पर आपत्ति जताई लेकिन औद्योगिक क्षेत्र की खपत बराबर रही।
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नहीं आया कोई बड़ा अंतर
उद्योग क्षेत्र से जुड़े जानकारों की मानें तो लोड शेडिंग की वजह से इकाइयों में रात को कम भार की मशीनें उपयोग ली जाती है। दिन में बड़ी मशीनों से उत्पादन कर लिया जाता है। वैसे भी सप्ताह में दो रात के लिए उद्यमियों को ऊर्जा खपत को लेकर प्रबंधन करना होता है। जिससे उत्पादन प्रभावित नहीं होता और बिजली का उपभोग भी पूरा हो जाता है।
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ये कहते हैं आंकड़े
भिवाड़ी टपूकड़ा सहायक अभियंता कार्यालय के क्षेत्र में पूरा औद्योगिक क्षेत्र आता है। लोड शेडिंग के बाद खपत में गिरावट आने की वजह वृद्धि हुई है। 24 अगस्त से भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में चार रात्रि की लोड शेडिंग हो गई। लेकिन बिजली खपत के आंकड़े बताते हैं कि अगस्त में खपत भी बढ़ गई। मई 27 करोड़ 97 लाख यूनिट, जून में 27 करोड़ 74 लाख यूनिट, जुलाई में 28 करोड़ 83 लाख यूनिट और अगस्त में 29 करोड़ 30 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
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औद्योगिक इकाइयों में बिजली की खपत बढ़ी है। लोड शेडिंग के जो आदेश थे वे प्रभावी हैं।
चंद्रेश शर्मा, सहायक अभियंता, विद्युत निगम