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दस साल बाद भी पेयजल आपूर्ति के लिए आधी दूरी पर खड़ा जलदाय विभाग

15 हजार घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य, अभी तक सिर्फ सात हजार में दिया कनेक्शन

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दस साल बाद भी पेयजल आपूर्ति के लिए आधी दूरी पर खड़ा जलदाय विभाग

दस साल बाद भी पेयजल आपूर्ति के लिए आधी दूरी पर खड़ा जलदाय विभाग

भिवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्र में करीब दस साल से चल रहे पेयजल प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि १५ बार बढ़ाई जा चुकी है। निर्माण पूरा नहीं होने पर हर बार एजेंसी को छह महीने का समय दिया जाता है, इस तरह १५ बार समय अवधि को बढ़ाया जा चुका है, इस बार ३० जून तक का समय दिया गया है। जलदाय विभाग ने अभी तक इस प्रोजेक्ट के तहत ६९४० घरों में नल से कनेक्शन कर पानी पहुंचा दिया है जबकि १५ हजार घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। इस तरह दस साल बाद भी लक्ष्य से आधी दूरी पर ही विभाग खड़ा हुआ है। जलदाय विभाग ने भिवाड़ी क्षेत्र को २२ जोन में बांटा हुआ है, जिसमें से गांधी कुटीर, यूआईटी सेक्टर एक, दो, दो ए, तीन, पांच, छह, आठ, नौ, खिदरपुर, गोधान, बिलाहेड़ी, शाहड़ौद, कहरानी, मुंडाना मेव, हरचंदपुर और रामपुरा उदयपुर में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। भगत ङ्क्षसह कॉलोनी में बीडा से मिले पुराने सिस्टम से आपूर्ति हो रही है। आरएचबी सेक्टर एक, दो, तीन, घटाल गांव के लिए टंकी का निर्माण हो रहा है, इसे पूरा होने में करीब चार महीने का समय लगेगा। नंगलिया, आलमपुर, मिलकपुर में रोड क्रॉसिंग पर लाइन बिछाने का थोड़ा काम बचा है, यहां दस जून तक आपूर्ति शुरू होने की बात कही जा रही है। भिवाड़ी गांव, खानपुर, खिजूरीबास में अभी आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।
जलदाय विभाग क्षेत्र में ७६ करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट को लेकर 2013 से काम कर रहा है। योजना के तहत 19 आकाशीय टंकी निर्मित होनी है जिसमें से 17 का निर्माण हो चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) प्रोजेक्ट में 60.64 और अमृत योजना के तहत 15.78 रुपए के काम चल रहे हैं। दोनों प्रोजेक्ट में अभी तक निर्माण एजेंसी को ५२ करोड़ का भुगतान हो चुका है। दोनों प्रोजेक्ट में काम की अवधि को अभी तक १५ बार बढ़ाया जा चुका है। अब दोनों प्रोजेक्ट को पूरा होने की अवधि 31 जून तय की गई है। आवासन मंडल सेक्टर दो कोर्ट परिसर के पास जो टंकी धराशायी हुई थी, उसकी जगह नए चिन्हित स्थल पर भी टंकी निर्माण शुरू हो चुका है। एनसीआरपीबी प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ जिसके कार्यादेश 2016 में जारी किए गए। वहीं अमृत योजना के कार्यादेश 2017 में जारी किए गए। योजना के तहत करीब 15 हजार कनेक्शन होने हैं, योजना का उद्देश्य 2044 तक 1.76 लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति करना है। नए सिस्टम से जिन क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू हुई है वहां पर सुबह शाम एक-एक घंटे की आपूर्ति दी जा रही है।
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प्रोजेक्ट में अब सभी तरह की तकनीकि कमियां दूर हो चुकी हैं, जल्द ही प्रोजेक्ट को पूरा कर सभी क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विकास मीना, एक्सईएन, जलदाय विभाग