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काश्तकारों को दिन में बिजली की तैयारी, सोलर प्लांट बनेंगे महत्वपूर्ण जरिया

विद्युत निगम भिवाड़ी सर्किल के साढ़े 49 हजार कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली देने की योजना है। जुलाई से दिन के दो ब्लॉक में बिजली देने की तैयारी है। काश्तकारों को कृषि कार्य के लिए अभी 350 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है। दो ब्लॉक में बंटने पर 175 मेगावाट का भार रहेगा।

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

May 07, 2026

कृषि के लिए चाहिए एक ब्लॉक में 175 मेगावाट बिजली, सोलर से मिलेगी 109

भिवाड़ी. विद्युत निगम भिवाड़ी सर्किल के साढ़े 49 हजार कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली देने की योजना है। जुलाई से दिन के दो ब्लॉक में बिजली देने की तैयारी है। काश्तकारों को कृषि कार्य के लिए अभी 350 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है। दो ब्लॉक में बंटने पर 175 मेगावाट का भार रहेगा। दिन में बिजली देने के लिए क्षेत्र में लगाए जा रहे सोलर प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अभी तक भिवाड़ी सर्किल में 19 सोलर प्लांट से 51 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। जबकि 31 सोलर प्लांट पाइपलाइन में और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इनसे 58 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस तरह सभी सोलर प्लांट से 109 मेगावाट बिजली उत्पादन पहुंच जाएगा। इस तरह दिन में सोलर प्लांट से बिजली उत्पादित होगी और उसे आसपास के काश्तकारों को तुरंत ही कृषि उपयोग के लिए दिया जाएगा। अभी तक काश्तकारों को जो बिजली दी जाती थी, उसमें सौर ऊर्जा का हिस्सा बहुत कम होता था, अन्य स्त्रोत से उत्पादित बिजली का बड़ा हिस्सा होता था। सौर ऊर्जा का उपयोग अधिक होने पर अन्य ऊर्जा स्त्रोत पर निर्भरता कम होती जाएगी।

्रअभी भी प्रदेश में पहला स्थान
किसानों को सौर ऊर्जा से दिन में बिजली देने में खैरथल तिजारा जिला प्रदेश में अभी भी पहले स्थान पर है। खैरथल तिजारा जिले में 49500 कृषि कनेक्शन हैं। कुसुम योजना के तहत निगम मुख्यालय ने खैरथल तिजारा जिले के 4076 किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य दिया था। जिसमें से अभी तक 2784 किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध होने लगी है। इस तरह जिले ने 68 फीसदी सफलता प्राप्त की है जबकि प्रदेश का औसत 16 प्रतिशत ही है। कुसुम योजना के तहत लगाए जा रहे सोलर प्लांट से संबंधित जीएसएस पर स्थित कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली दी जाती है। नए प्लांट से ऊर्जा उत्पादन शुरू होने के बाद शेष किसानों को भी दिन में बिजली मिलने लगेगी। योजना का उद्देश्य यही है कि प्राकृतिक ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सके, नजदीकी क्षेत्र में बिजली खपत हो, जिससे कि लाइन लॉस भी कम हों। दिन में बिजली आपूर्ति का लाभ काश्तकारों को सर्दी के मौसम में अधिक मिलेगा। कई बाद सर्दी अधिक होने पर किसानों को रात के समय सिंचाई करनी पड़ती थी।

जिले में बड़ी संख्या में सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। आने वाले समय में कई प्लांट से उत्पादन शुरू हो जाएगा। सरकार की योजना आने वाले समय में काश्तकारों को सिंचाई के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति करने की है, जिसमें क्षेत्र के सोलर प्लांट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
जेपी बैरवा, एसई, विद्युत निगम