भिवाड़ी. बॉर्डर पर रैंप निर्माण और नाला बंद कर भिवाड़ी के पानी को रोककर जलभराव कर चुके हरियाणा को अब अपने नागरिकों की सुध लेनी चाहिए। क्योंकि भिवाड़ी प्रशासन की जबावी कार्रवाई से अब हरियाणा के हिस्से में आने वाले एनएच पर पानी भर चुका है। हरियाणा के हिस्से में आने वाले एनएच पर स्थित मकान, दुकान के आगे जलभराव होने से आमजीवन प्रभावित होने लगा है। भिवाड़ी ने यह कदम मजबूरी में उठाया है, क्योंकि हरियाणा के हिस्से का पानी भी बाइपास पर आ रहा था और जलस्तर बढ़ रहा था इसलिए शुक्रवार को भिवाड़ी प्रशासन ने अपने क्षेत्र में मिट्टी डाल दी थी। जलभराव पर हरियाणा की ओर से बातचीत नहीं की जा रही, शुरुआत में हरियाणा को लग रहा था कि सारा दोष भिवाड़ी का ही है। अब भिवाड़ी ने भी उनके नाले-नाली रोकना शुरू किया है तो उसका असर दिख रहा है। हरियाणा का करीब तीन चार एमएलडी पानी भिवाड़ी में आ रहा था। शनिवार को महेश्वरी गांव के प्रवेश गेट से एमपीएस स्कूल के कोने तक एनएच का एक हिस्सा पानी में डूब गया। इस तरह स्थित कई होटल, प्रतिष्ठान के आगे जलभराव हो गया। भूतल वाले प्रतिष्ठान को मिट्टी डालकर पानी रोकना पड़ा। अभी तक जिस असुविधा को भिवाड़ी वाले झेल रहे थे, अब उसे हरियाणा के लोग भी झेल रहे हैं। यातायात व्यवस्था तो पहले ही चरमरा गई है।
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सोसायटी पर भी होगी सख्ती
जिस तरह फैक्ट्रियां बादल गरजने पर गंदा पानी खुले नालों में छोड़ देती हैं, उसी तरह आवासीय सोसायटी भी बारिश का पानी बाइपास पर छोड़ देती हैं। दर्जनों सोसायटी से बड़ी मात्रा में बाइपास पर पानी आता है और यहां घंटों तक नहर चलती रहती है। बीडा द्वारा आवासीय सोसायटी पर भी सख्ती की जाएगी। बीडा टीम ने सोसायटी को नोटिस दिया है, जिसमें बारिश में पानी नहीं छोडऩे की हिदायत दी गई है। जांच में कई सोसायटी का एसटीपी बंद मिला है, वहीं कई सोसायटी गंदे पानी को आसपास में स्थित भूखंड पर छोडक़र पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं। सोसायटी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी नहीं है