भिवाड़ी. इंक निर्माण करने वाली इकाई सिजवर्क में बुधवार सुबह नौ बजे भयंकर आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग विकराल हो गई। दस किमी दूर तक धुंआ के गुबार आसमान में दिखाई पडऩे लगे। पूरा आसमान धुंए से काला हो गया। फैक्ट्री अलवर-भिवाड़ी मेगा हाईवे पर वनवीर पुर गांव के पास स्थित है, इसकी वजह से आग को देखने के लिए बड़ी संख्या में वाहन चालक जुट गए, इन्हें हटाने में भी प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी। हाईवे पर कई किमी दूर से लोगों ने आसमान में छाए धुंए के फोटो एवं वीडियो बनाए। सूचना पर पहुंची दमकल वाहनों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया। फैक्ट्री में केमिकल संबंधी कच्चा माल होने की वजह से आग बढ़ती ही गई। दमकल से की जा रही पानी की बौछार नाकाफी साबित हुई। केमिकल के ड्रम तेज धमाकों के साथ फटकर गिरते रहे और आग फैलती रही। फैक्ट्री परिसर में केमिकल जहां तक फैला वहां तक आग पहुंचती गई। दमकल वाहनों से आग को बुझाने का प्रयास जारी रहा। चार-पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग नियंत्रित होना शुरू हुई। शाम तक दमकल वाहन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी झिडक़ते रहे। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। आग के समय फैक्ट्री परिसर में सैकड़ों कर्मचारी कार्यरत थे। आग लगने पर सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। इंक निर्माण करने वाली इकाई के इस प्लांट का सालाना टर्नओवर एक हजार करोड़ से ऊपर बताया जा रहा है। आग लगने से भी करीब 50 करोड़ का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग किस वजह से लगी इस संबंध में कंपनी प्रतिनिधियों से उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया।
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करोड़ों का नुकसान
आग लगने का कारण अभी प्रशासन को पता नहीं चला है। आग की सूचना पर प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। फैक्ट्री परिसर में आग किस वजह से लगी इसका अभी पता नहीं चल सका है। फैक्ट्री के अंदर केमिकल उत्पाद बनाए जाते हैं। पूर्व में उक्त फैक्ट्री से बनाई जाने वाली इंक भारतीय मुद्रा को छापने के काम ली जाती थी।
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बढ़ती गई फायर वाहनों की संख्या
फैक्ट्री में साढ़े नौ बजे आग की सूचना लगी है। भिवाड़ी, खुशखेड़ा, चौपानकी, नगर परिषद के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। आग की विकराल स्थिति देखकर घिलोठ, नीमराना, बहरोड़, तिजारा, खैरथल, अलवर, तावडू, धारूहेड़ा, बावल, रेवाड़ी, होंडा टपूकड़ा से 30 दमकल वाहन को आग पर काबू पाने के लिए बुलाया गया। प्रत्येक दमकल वाहन ने सात से आठ फेरे किए। शाम तक आग को काबू करने के प्रयास चलते रहे। आवासीय सोसायटी के हाइड्रेंट पोइंट, खेतों में कृषि बोरिंग एवं होंडा कंपनी के अंदर से पानी लाया गया।
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सैकड़ों की संख्या में हादसे
क्षेत्र में प्रति वर्ष आग से सैकड़ों इकाइयों में आग लगती है। आग लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। आग की घटनाएं गर्मी आते ही बढऩे लगती हैं। किसी भी तरह की चिंगारी केमिकल एवं अन्य कच्चे माल को जलाकर खाक कर देती हैं। गर्मी की वजह से आग जल्दी पकड़ती है। बीते कुछ साल से देखने में आया है कि आग की घटनाएं सर्दी में भी बढऩे लगी हैं।
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आग के समय फैक्ट्री में 300 कर्मचारी कार्यरत थे। जो कि सभी सुरक्षित हैं, फैक्ट्री प्रशासन ने सभी की गिनती कर ली थी। आग से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है। आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।
अश्विनी के पंवार, एडीएम, भिवाड़ी