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रीको ने आवंटित की जमीन, उद्योग क्षेत्र में निर्मित होंगे छह जीएसएस

18 करोड़ की आएगी लागत, दस हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

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भिवाड़ी. क्षेत्र में 33 केवी के छह नए सब स्टेशन का निर्माण जल्द शुरू होगा। रीको ने जमीन आवंटन कर दिया है। विद्युत निगम ने मुख्यालय को निर्माण कार्य के प्रस्ताव भी पूर्व में भेज रखे हैं, जैसे ही जमीन आवंटन संबंधी प्रक्रिया शुरू हुई, निगम ने निर्माण कार्य के प्रस्ताव भी बनाकर भेज दिए। निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए पिछले सप्ताह जयपुर में उच्च स्तरीय बैठक भी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण स्वीकृति जारी हो जाएगी, इसके बाद जीएसएस का निर्माण शुरू हो जाएगा। चार जीएसएस भिवाड़ी और दो टपूकड़ा क्षेत्र में निर्मित होंगे। नए जीएसएस के निर्माण से करीब दस हजार औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति की सौगात मिलेगी। उक्त क्षेत्रों में नए कनेक्शन जारी हो सकेंगे, पुराने उपभोक्ताओं का विद्युत भार बढ़ सकेगा। फॉल्ट, ट्रिपिंग कम होने के साथ ही लाइन लॉस कम होंगे। विद्युत निगम ने रीको के खाते में जीएसटी के करीब 1.60 करोड़ रुपए मार्च में जमा कराए थे। रीको के स्तर पर देरी होने से जीएसएस निर्माण की प्रक्रिया रूकी हुई थी। जिन क्षेत्रों में नए जीएसएस बनेंगे उनके आसपास के स्टेशन पर चल रहा अधिक भार भी कम होगा।

यहां होंगे नए जीएसएस स्थापित
नए जीएसएस निर्माण से औद्योगिक क्षेत्र के हजारों औद्योगिक उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग और फॉल्ट रहित गुणवत्ता वाली बिजली की आपूर्ति होगी। रीको से छह जीएसएस के लिए निशुल्क जमीन मिली है, निगम ने सिर्फ जीएसटी राशि जमा कराई है। सब स्टेशन के निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपए की लागत आएगी। निर्माण कार्य के प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजे जा चुके हैं। सब स्टेशन का निर्माण घटाल, हरचंदपुर, रिलेक्सो चौक, सलारपुर में होगा। सलारपुर में दो जीएसएस के लिए पांच हजार वर्गमीटर, घटाल, हरचंदपुर, रिलेक्सो चौक में प्रति जीएसएस के लिए 1500 वर्गमीटर, सारेखुर्द में तीन हजार वर्गमीटर जमीन आवंटित हुई है। निगम ने उक्त स्थलों की जमीन के अनुसार निर्माण कार्य के प्रस्ताव बनाकर जयपुर मुख्यालय भेज

दिए हैं।

दस महीने से प्रक्रिया

सब स्टेशन का निर्माण होने के बाद क्षेत्र में 33 केवी जीएसएस की संख्या 23 हो जाएगी। एक सब स्टेशन के निर्माण में तीन करोड़ की लागत आएगी। जमीन आवंटन की प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के पहले से चल रही है। पहले आचार संहिता, बाद में निगम ने जीएसटी की राशि जमा कराने में देरी की, इसके बाद रीको ने आवंटन में विलंब किया।

लाइन लॉस होंगे कम

नए सब स्टेशन का निर्माण होने से फीडर की लंबाई कम होगी। जिससे ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। लाइन लॉस में कमी आएगी। जिस जगह बिजली आपूर्ति बंद करनी है, सिर्फ वही क्षेत्र प्रभावित होगा। औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन बढ़ेगा, निर्बाध बिजली मिलेगी और निगम का राजस्व बढ़ेगा।

पांच साल बाद नया स्टेशन

सब स्टेशन का निर्माण आरडीएसएस स्कीम के तहत होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार का अंशदान रहता है। भिवाड़ी में 33 केवी का अंतिम जीएसएस मार्च 2019 में यूआईटी सेक्टर नौ में तैयार हुआ था। तब से कोई नया नहीं बना। जबकि इस अवधि में भिवाड़ी उपखंड में घरेलू, अघरेलू और औद्योगिक इकाइयों का लोड करीब 25 प्रतिशत बढ़ गया है।

मुख्यालय से जल्द ही जीएसएस निर्माण की अनुमति मिल जाएगी। रीको से जमीन आवंटन हो चुका है। इससे क्षेत्र के हजारों नए व पुराने उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
एससी महावर, एक्सईएन, विद्युत निगम