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आरटीई में प्रवेश न देने वाले स्कूलों की होगी जांच

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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आरटीई में प्रवेश न देने वाले स्कूलों की होगी जांच

आरटीई में प्रवेश न देने वाले स्कूलों की होगी जांच


भिवाड़ी. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश न देने वाले स्कूलों की जांच होगी। जांच में लापरवाही पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम डॉ. गुंजन सोनी ने क्षेत्र में संचालित एमपीएस स्कूल बाइपास, एमपीएस आधारशिला सांथलका, यूसीएसकेएम, सेंट जेवियर, प्रेसीडेंसी, लिपिन, शिव पब्लिक को आरटीई में आए आवेदन, आरटीई में आए आवेदनों को रद्द करने, आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश संबंधी जानकारी, गत पांच शिक्षा सत्र की मांगी है। एडीएम ने बताया कि शिकायत के बाद सभी स्कूलों को अपना पक्ष रखने के लिए पांच अप्रेल का समय दिया गया है। अक्सर देखने में आता है कि स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश देने में लापरवाही बरतते हैं, आवेदनों में विभिन्न प्रकार की कमियां निकालकर उन्हें रद्द कर देते हैं। जिससे गरीब परिवार के बच्चे निजी स्कूलों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। स्कूलों को नामांकन के अनुपात में एक निश्चित संख्या में बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश देना होता है, लेकिन कई स्कूल उस दायरे को भी पूरा नहीं करते। शिकायत के बाद एडीएम ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सरकार द्वारा जो कानून बनाया है स्कूल संचालक अभिभावकों को नियमों के जाल में उलझाकर बच निकलते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी किसी प्रकार की जांच और कार्रवाई नहीं की जाती।