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सीवर प्रोजेक्ट पकड़ेगा गतिएसटीपी निर्माण को बीडा ने आवंटित की 59 करोड़ की जमीन

सीएम और सीएस तक पहुंचा मामला तब जाकर हुआ हल

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भिवाड़ी. अटल मिशन फॉर रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) चरण द्वितीय में दो सौ करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट का काम कई महीने पहले शुरू हो गया था। नंगलिया मिलकपुर गांव में सीवर लाइन बिछ चुकी है। अब प्रोजेक्ट के तहत निर्मित होने वाले एसटीपी निर्माण के लिए जमीन का रोड़ा भी हट चुका है। बीडा ने पूर्व में जिस जमीन के लिए 59 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि की मांग रखी थी। बीडा ने अब उसे निशुल्क आवंटित कर दिया है। प्रोजेक्ट में 34 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के अनुसार टेंडर हुआ था। वसुंधरा नगर में बीडा की जिस जमीन पर एसटीपी का निर्माण होना था, इसका मामला शासन स्तर पर पहुंचा था, क्योंकि पूर्व में बीडा ने जमीन देने के लिए 59 करोड़ रुपए की राशि नगर परिषद से मांगी थी। रुडसिको ने डीपीआर तैयार कराने के बाद टेंडर दिया था और तब तक बीडा से जमीन आवंटन नहीं हुआ था। जब टेंडर के बाद बीडा से जमीन की मांग रखी गई तो बीडा ने नगर परिषद को 17 हजार वर्गगज भूमि के लिए, 34293 रुपए प्रति वर्ग गज और दो प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क के 59.62 करोड़ जमा कराने की मांग रख दी। बीडा द्वारा जमीन आवंटन के बदले इतनी भारी भरकम राशि की मांग रखने से प्रोजेक्ट को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की गई तैयारी पर सवाल खड़े हो गए थे। अमृत के दूसरे चरण में 2053 की आबादी को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की गई थी। 56 किमी सीवर लाइन और 34 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्मित होना है। इस मसले को सुलझाने के लिए फाइल सीएस के जरिए सीएम तक पहुंची, तब जाकर बीडा ने निशुल्क जमीन आवंटन किया है।

इन शर्तों पर मिली जमीन

बीडा ने नगर परिषद को पत्र लिखकर जमीन आवंटन की जानकारी दी है। पत्र के अनुसार भूमि को 99 वर्ष के लिए लीज होल्ड पद्धति पर आवंटित किया गया है। एसटीपी का निर्माण बीडा से स्वीकृत मानचित्र के अनुसार करना होगा। लाइटिंग, चारदीवारी, कचरा निस्तारण आवंटी को करना होगा। विद्युत लाइन आवंटी को स्थानांतरित करनी होगी। आवंटित भूमि का विक्रय और अन्यत्र हस्तांरण नहीं होगा। भूमि का आवंटन निशुल्क है इसलिए स्वामित्व बीडा का ही रहेगा। एसटीपी का निर्माण छह अक्टूबर 2023 को जारी कार्यादेश की निर्धारित समयावधि में पूरा करना होगा। एसटीपी के निर्माण संचालन एवं प्रदूषण से संबंधित एनओसी आवंटी को लेनी होगी।

जमीन की वजह से अटका काम

योजना के दूसरे चरण में 200 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट का टेंडर सितंबर 2023 में खुला था। इसमें एक केंद्रीयकृत 34 एमएलडी एसटीपी का निर्माण और छूटे हुए क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए एमएनआईटी के विशेषज्ञों ने रिपोर्ट दी, उसके आधार पर डीपीआर तैयार हुई। टेंडर हुआ और एक फर्म ने दस प्रतिशत कम दर पर टेंडर भी ले लिया। शुरूआत में भी एसटीपी के लिए बीडा से जमीन आवंटित नहीं होने की वजह से काम अटक गया था। बाद में नंगलिया और मिलकपुर गांव में सीवर लाइन का काम शुरू कराया गया।

कई बार अटका तब हुआ टेंडर

इस प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यालय ने भी कई बार नगर परिषद अधिकारियों से कसरत कराई। टेंडर में तकनीकि कमियों को दूर कराया गया। शोधित पानी का निस्तारण कहां होगा, इस बिंदु की वजह से भी एक बार टेंडर को रोका गया। बाद में जमीन की वजह से काम रुक गया।

सीवर प्रोजेक्ट से नगर परिषद क्षेत्र का संपूर्ण घरेलू पानी शोधित हो सकेगा। बीडा ने एसटीपी निर्माण के लिए जमीन का आवंटन कर दिया है इससे प्रोजेक्ट को तय समयावधि में पूरा किया जा सकेगा।
रामकिशोर मेहता, आयुक्त, नगर परिषद