
विद्युत आपूर्ति होने से उद्यमियों को मिलेगी राहत ्ररीको ने जमा कराई मांगपत्र राशि, विद्युत निगम कराएगा निर्माण
भिवाड़ी. सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में छोटी बड़ी इकाइयों का निर्माण तेजी से हो रहा है। बिजली आपूर्ति के लिए जीएसएस निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां प्रस्तावित 33 केवी के जीएसएस निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक जीएसएस विद्युत निगम तैयार कराएगा और दूसरा रीको निर्मित कराएगी। दोनों ही जीएसएस को लेकर अब तेजी दिखने लगी है। अप्रेल के पहले सप्ताह में रीको ने मांगपत्र की राशि ढाई करोड़ रुपए जमा करा दी है। जीएसएस निर्मित होने के बाद उद्योग क्षेत्र में आ रही नई इकाइयों और आवासीय भवनों को विद्युत कनेक्शन मिल सकेंगे। अभी तक क्षेत्र में नए कनेक्शन देने और पुराने कनेक्शन का भार बढ़ाने का निगम के पास कोई इंतजाम नहीं था। सलारपुर में 33 केवी के दो जीएसएस निर्मित होने है। एक जीएसएस रीको निर्मित करेगी और दूसरा निगम करेगा। विद्युत निगम ने रीको को आठ जनवरी को मांगपत्र दिया था। निगम यहां जीएसएस निर्माण में सुपरविजन करेगा। अभी सलारपुर में 33केवी आपूर्ति का कोई फीडर नहीं है। वर्तमान में दो फैक्ट्रियों ने 33केवी कनेक्शन लिए हैं, इन्हें सिक्पा और नीलकंठ फीडर से कनेक्शन दिए हैं।
अभी तक स्थिति
औद्योगिक क्षेत्र में कई नई इकाइयों के निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिन्होंने अभी अस्थायी कनेक्शन लिया हुआ है। 33 केवी पर स्थायी कनेक्शन देने के लिए निगम के पास कोई इंतजाम नहीं है। सलारपुर में 220 केवी जीएसएस के साथ 33 केवी के जीएसएस का निर्माण प्रस्तावित है। रीको, विद्युत निगम और प्रसारण निगम की कागजी कार्रवाई की वजह से मामला अटका हुआ था। जबकि रीको ने यहां पर भूखंड का आवंटन नवंबर 2022 में इंवेस्ट समिट से करना शुरू कर दिया था। रीको ने तीन साल में यहां कई दर्जन भूखंड नीलामी से बेचे, निवेशक भूखंड खरीदने के बाद बिना बिजली के उत्पादन कैसे शुरू करेंगे, इस पर तीन साल बाद भी ध्यान नहीं दिया। अब जीएसएस मांगपत्र की राशि जमा होने से उद्यमियों को आसानी से बिजली कनेक्शन मिल सकेंगे।
इसलिए थी परेशानी
220 केवी खुशखेड़ा से 33 केवी होंडा चौक पर बिजली आपूर्ति होती है और यहां से 11 केवी सलारपुर फीडर निकलता है, जिससे 11 केवी की आपूर्ति होती है। उक्त लाइन पर फिलहाल 800 केवीए का लोड और लगभग 1500 केवीए का भार और बढ़ाया जा सकता है। अभी क्षेत्र में आठ फैक्ट्रियों ने निर्माण के अस्थायी कनेक्शन ले रखे हैं। 11 केवी का दूसरा फीडर नहीं निकल सकता। सलारपुर में निर्माणाधीन फैक्ट्रियों को 33 केवी कनेक्शन की जरूरत होने पर निगम और रीको के पास फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। 33 केवी का कनेक्शन तभी दिया जाएगा, जब सलारपुर में 33 केवी जीएसएस का निर्माण होगा। नया जीएसएस निर्माण होने के बाद बिजली आपूर्ति की कमी दूर होगी।
नव विकसित क्षेत्र सलारपुर
उद्योग क्षेत्र भिवाड़ी, कहरानी, चौपानकी, पथरेड़ी, खुशखेड़ा, कारौली, टपूकड़ा, सारेखुर्द, बंदापुर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। सलारपुर में 210 औद्योगिक भूखंड हैं जिसमें से कई दर्जन भूखंड उद्यमियों ने उद्योग लगाने खरीद लिए हैं। सलारपुर में 83 हेक्टेयर में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग होगा। उद्योग के लिए एक हजार वर्गमीटर से ऊपर के प्लॉट हैं। ऑटो जोन के लिए 249 हेक्टेयर, इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) के लिए 26 हेक्टेयर जमीन और जनरल जोन के लिए 26.74 हेक्टेयर जमीन रखी गई हैं।
रीको की ओर से आवासीय क्षेत्र में 33 केवी का निर्माण किया जाएगा। रीको निर्माण कराएगी। निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। निगम में भी उक्त जीएसएस पर ट्रांसफार्मर लगाने राशि जमा कराई गई है।
अखिल अग्रवाल, यूनिट हेड, रीको
निगम की ओर औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित किए जाने वाले 33 केवी की स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर हो चुका है। जल्द निर्माण शुरू हो जाएगा।
जेपी बैरवा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
Published on:
10 Apr 2026 06:57 pm
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