मृतक के भाई बिजेंद्र ने बताया कि मदन फाइनेंसरों से तंग था, क्योकिं वह पैसे चुकाने में असमर्थ था और फाइनेंसर लगातार दबाव बना रहे थे। फाइनेंसर उसके साथ मारपीट भी करते थे, जिसके कारण वह कई बार खाना खाने भी नहीं जाता था। बिजेंद्र ने बताया कि फाइनेंसर उससे 15-20 फिसदी की दर से ब्याज वसुलते थे जिसे मदन फसल बेचने पर देता तो ब्याज भी पूरा नहीं हो पाता था।