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’41 साल बाद भी पीड़ितों को नहीं मिला न्याय’: सज्जन कुमार के बरी होने पर भड़की बीजेपी

तरुण चुघ ने साफ शब्दों में कहा, जो लोग सिखों के खिलाफ दंगे करते हैं और निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं, उन्हें किसी भी हाल में सजा से नहीं बचने दिया जाएगा।

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Sajjan Kumar

पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार

1984 Anti-Sikh Riots: 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। इस पर अब राजनीति तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सज्जन कुमार को बरी किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कोर्ट के इस फैसले को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। तरुण चुघ ने कहा कि 41 साल बीत जाने के बाद भी अगर ऐसे मामलों में दोषियों को बचाने की कोशिश होती है, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

'41 साल बाद भी पीड़ितों को नहीं मिला न्याय'

तरुण चुघ ने साफ शब्दों में कहा, जो लोग सिखों के खिलाफ दंगे करते हैं और निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं, उन्हें किसी भी हाल में सजा से नहीं बचने दिया जाएगा। पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं और इस तरह के फैसले उनके घावों को फिर से हरा कर देते हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ऐसे लोगों को बचाने की कोशिश की है, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं। तरुण चुघ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार ऐसे 'जालिमों' को संरक्षण देने का प्रयास करती रही है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

घुसपैठियों की पहचान कर देश से भेजे बाहर

वहीं, दूसरी ओर तरुण चुघ ने राजस्थान सरकार के एक फैसले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य सरकार के 'जनसांख्यिकीय असंतुलन' से जुड़े निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश की जनसंख्या संरचना को संतुलित रखना एक राष्ट्रीय आवश्यकता है। घुसपैठियों की पहचान की जानी चाहिए, उन्हें हटाया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर देश से बाहर भेजा जाना चाहिए।

'देश के गरीब नागरिकों के अधिकारों का हनन'

तरुण चुघ ने यह भी कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वाले लोग देश के गरीब नागरिकों के अधिकारों का हनन करते हैं। उनके अनुसार, सरकार का यह कदम आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है और इससे देश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन दोनों मजबूत होंगे।